राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और तृणमूल कांग्रेस ने मापुसा के सेंट जेवियर कॉलेज में पिछले सप्ताह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के प्रदर्शन की सोमवार को निंदा की। एबीवीपी ने नवनिर्वाचित छात्र परिषद के गठन की मांग को लेकर हंगामा किया था।
शनिवार को प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बुलाना पड़ा। इन दलों ने एबीवीपी के कथित अनियंत्रित व्यवहार पर मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से प्रतिक्रिया मांगी है।
एबीवीपी की उत्तरी गोवा सचिव निकिता पारसेकर ने आरोप लगाया कि 75 दिन पहले चुनाव होने के बावजूद कॉलेज प्रबंधन छात्र परिषद को मान्यता नहीं दे रहा है। एबीवीपी के पदाधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र इकाई एबीवीपी ने अधिकतर सीटों पर जीत दर्ज की है।
एक वीडियो संदेश में कॉलेज ने कहा कि विरोध प्रदर्शन दुर्भाग्यपूर्ण था। कॉलेज प्रशासन ने एबीवीपी पर प्रिंसिपल, प्रबंधन और कर्मचारियों को अपशब्द कहने का आरोप लगाया। कॉलेज की ओर से जारी एक बयान में कहा गया, 'स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके की पुलिस को बुलाना पड़ा। राकांपा की गोवा इकाई के प्रभारी क्लाइड क्रैस्टो ने कहा कि मुख्यमंत्री को एबीवीपी के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए अन्यथा यह गलत मिसाल कायम करेगा।
क्रैस्टो ने कहा, 'अगर एबीवीपी छात्र परिषद के गठन के संबंध में कॉलेज के प्रिंसिपल और प्रबंधन के साथ बातचीत करना चाहती थी, तो उन्हें कॉलेज में हंगामा करने के बजाय औपचारिक बैठक के लिए कहना चाहिए था। तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता त्रजानो डिमेलो ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री की चुप्पी पर सवाल उठाया। इस बीच, एबीवीपी के पारसेकर ने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।