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NCP: अचानक फिर बदले शरद पवार के सुर, महाराष्ट्र में कहा- जाति-धर्म के नाम पर विभाजित करने वालों से लड़ना है

Sun, 21 May 2023 05:05 PM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राकांपा सुप्रीमो रविवार को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि जो देश में सामाजिक और सांप्रदायिक रूप से विभाजित कर रहा है, हमें उससे लड़ना है। पवार ने कहा कि कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में देखा गया है कि स्थितियां धीरे-धीरे बदल रही हैं।
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Sharad Pawar - फोटो : ANI
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विस्तार
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष शरद पवार एक बार फिर आक्रामक दिखाई दिए। रविवार को उन्होंने भाजपा पर जमकर हमला बोला और कहीं न कहीं कांग्रेस के समर्थन में दिखे। हालांकि, पवार ने अपने पूरे भाषण में भाजपा का नाम नहीं लिया लेकिन उनका बयान साफ तौर पर भाजपा पर ही केंद्रित रहा।

हमें लड़ना है

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राकांपा सुप्रीमो रविवार को महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे थे। यहां उन्होंने कहा कि जो देश में सामाजिक और सांप्रदायिक रूप से विभाजित कर रहा है, हमें उससे लड़ना है। पवार ने कहा कि कर्नाटक में हुए विधानसभा चुनाव में देखा गया है कि स्थितियां धीरे-धीरे बदल रही हैं। अगर पूरे देश का मजदूर वर्ग एकजुट रहता है तो कर्नाटक जैसा हाल देश में कहीं भी देखा जा सकता है।

आम आदमी तबाह हो जाएगा
पवार ने आगे कहा कि देश में राज्य कर रही कुछ शक्तियां आज समाज में जाति और धर्म के आधार के नाम पर एक दूसरे को भड़का रही हैं। समाज को वह पीछे धकेल रहे हैं। सत्ता का इस्तेमाल वह लोगों के कल्याण के लिए नहीं कर रहे बल्कि समाज के लोगों के बीच विभाजन पैदा कर रहे हैं। आज हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती इन्हीं लोगों और इन्हीं शक्तियों के खिलाफ लड़ने के लिए है। अगर इन शक्तियों से लड़ा नहीं गया तो आम आदमी तबाह हो जाएगा। अहमदनगर एक प्रगतिशील जिला है, बावजूद इसके यहां सामाजिक तनाव थे, इसी के खिलाफ हमें लड़ना है। हमें एक होना है।

आम आदमियों की सरकार ने संभाली कमान

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पवार ने कर्नाटक विधानसभा चुनाव के नतीजों के बारे में कहा कि कर्नाटक के नतीजे बताते हैं कि स्थिति धीरे-धीरे बदल रही है। आम आदमियों की सरकार ने कर्नाटक की कमान अब अपने हाथों में संभाली है। शनिवार को कर्नाटक में हुए शपथ ग्रहण समारोह में एक लाख लोग शामिल हुए थे। इनमें से 70 प्रतिशत लोग युवा थे, जो अलग-अलग तबकों के थे। नए मुख्यमंत्री समाज के सभी धड़ो और कमजोर तबकों के हितों की रक्षा करते हुए काम करते हैं। अगर देश का मजदूर इकट्ठा हो जाए तो कर्नाटक वाले हाल देश में कहीं भी देखे जा सकते हैं। बता दें, शरद पवार कई बार इशारों ही इशारों में भाजपा की तारीफ करते हुए दिखे हैं। इसी के साथ उन्होंने कई बार कांग्रेस पर ही सवालिया निशान लगाए हैं। कांग्रेस को तिरछी नजरों से देखा है। हालांकि, कर्नाटक के नतीजों के बाद वह एक बार फिर भाजपा पर आक्रामक हो गए हैं।
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