मणिपुर में बीते दिनों हुई हिंसा के बाद अब धीरे-धीरे हालात सामान्य होने लगे हैं। इस दौरान राज्य के सीएम एन बीरेन सिंह ने राज्य के हालात के बारे में जानकारी दी है। उन्होंने रविवार को कहा कि अतीत बीत चुका है। हमारा मिशन मणिपुर राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करना है। उन्होंने यह भी कहा कि जो हिंसा हुई वह समुदायों के बीच लड़ाई का परिणाम नहीं थी। समुदायों के बीच कोई लड़ाई नहीं थी।
मणिपुर संघर्ष पर क्या बोले सीएम एन बीरेन सिंह
संघर्ष पर बोलते हुए मणिपुर के सीएम एन बीरेन सिंह ने कहा कि अतीत बीत चुका है, अब हमारा मिशन मणिपुर राज्य में सामान्य स्थिति बहाल करना है। समुदायों के बीच कोई लड़ाई नहीं थी और कोई लड़ाई नहीं होनी चाहिए। यह सरकार के पास है, जब भी सरकार कुछ करने की कोशिश करती है तो प्रतिरोध और स्वीकृति दोनों होंगे।
मणिपुर में विशेष सुरक्षा में ले जाया जा रहा जरूरी सामान
हिंसा प्रभावित मणिपुर में जरूरी सामान ले जाने वाले ट्रकों की विशेष सुरक्षा की जा रही है। जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूर्वोत्तर राज्य में सामानों की कोई कमी नहीं है। एक रक्षा प्रवक्ता ने इसके बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार, मणिपुर पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के साथ सेना और असम राइफल्स जरूरी सामान को लाने और ले जाने वाले ट्रकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निकट समन्वय में काम कर रहे हैं। यह ट्रक एनएच 37 के माध्यम से इंफाल आ और जा रहे हैं।
उन्होंने बताया कि सेना और असम राइफल्स के क्षेत्र और एनएच 37 के साथ स्थित कंपनी ऑपरेटिंग बेस से संचालित त्वरित प्रतिक्रिया दल, मानव रहित हवाई वाहनों और चीता हेलीकॉप्टरों द्वारा हवाई निगरानी का काम किया जा रहा रहा है। साथ ही सीआरपीएफ और मणिपुर पुलिस कर्मियों की कंपनियों के साथ-साथ भारतीय रिज़र्व बटालियन के लोगों को यह कार्य सौंपा गया है। उनसे कहा गया है कि वे एनएच 37 पर चलने वाले नागरिक वाहनों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करें।
हिंसा के बीच इफांल घाटी में आवाजाही रुक गई थी>
गौरतलब है कि मणिपुर में तीन मई को मेती समुदाय के लिए अनुसूचित जनजाति (एसटी) की मांग के विरोध में 'आदिवासी एकजुटता मार्च' आयोजित किए जाने के बाद शुरू हुई हिंसा के बाद वहां हालात बदहाल हो गए थे। उसी दौरान इंफाल घाटी की ओर जाने वाली गाड़ियों की आवाजाही रोडब्लॉक और ट्रांसपोर्टरों के बीच भय के कारण बंद हो गई थी। इसके कारण राज्य में जरूरी सामान आपूर्ति का स्टॉक घट रहा था। इसी के कारण भारी सुरक्षा के बीच एनएच 37 पर आवाजाही सुनिश्चित की गई। प्रवक्ता ने कहा कि एनएच 37 पर आवाजाही 15 मई को शुरू हुई और सुरक्षा बल पूरी तरह से सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।