शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा-शरदचंद्र) की नेता और बारामती से सांसद सुप्रिया सुले ने शुक्रवार को महाराष्ट्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने महाराष्ट्र के मौजूदा सत्तासीन गठबंधन पर निशाना साधते हुए दावा किया कि राज्य में न केवल विपक्ष के लोगों को बल्कि सरकार में शामिल साझेदारों को भी धमकाया जा रहा है।
पुणे में पत्रकारों से बातीचत के दौरान सुले ने यह प्रतिक्रिया दी। दरअसल, उनसे शरद पवार के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की प्रतिक्रिया को लेकर सवाल किया गया था। शरद पवार ने यह आरोप लगाया है कि राकांपा विधायक सुनील शेल्के ने राकांपा (एसपी) के नेताओं को धमकी दी थी। इस पर फडणवीस ने कहा था कि पवार साहब जैसे बड़े नेता की तरफ से इस तरह के बयान से उनका कद कम हो जाता है।
सुले ने इस पर जवाब देते हुए कहा, ‘‘कद समाज तय करता है, कोई व्यक्ति नहीं। अगर गृह मंत्री के रूप में देवेंद्र जी ने अच्छा काम किया होता तो पवार साहब को अपने विचार व्यक्त करने की कोई जरूरत नहीं होती।” पुणे के इंदापुर से भाजपा नेता हर्षवर्धन पाटिल का हवाला देते हुए सुले ने कहा, ‘‘वह इंदापुर के ही नहीं बल्कि राज्य के एक प्रमुख नेता हैं, लेकिन उन्होंने देवेंद्र जी को लिखे पत्र में गठबंधन सहयोगियों से मिल रही धमकियों पर चिंता जाहिर की थी। यह महाराष्ट्र के गृह मंत्रालय की विफलता को दर्शाता है।’’
पाटिल ने फडणवीस को लिखे पत्र में यह आरोप लगाया था कि गठबंधन में सहयोगियों के कुछ पदाधिकारियों ने उनके खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था और वहां स्वतंत्र रूप से नहीं घूमने देने की धमकी दी थी।
सुले ने हाल ही में उल्हासनगर के एक पुलिस थाना में भाजपा विधायक द्वारा की गई गोलीबारी की घटना का जिक्र करते हुए राज्य सरकार को ‘अबकी बार, गोलीबार सरकार’ करार दिया।