राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में दो फाड़ होने के बाद दोनों ही गुटों ने पुणे की बारामती लोकसभा सीट पर उम्मीदवार उतारने का दावा किया है। इससे एनसीपी के गढ़ में ही पवार परिवार के आपस में टकराने की संभावना बनी है। पवार के भतीजे और एनसीपी (अजित गुट) के नेता उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने बारामती से चुनाव लड़ने का एलान किया है। वहीं, शरद पवार की बेटी तीन बार से सांसद सुप्रिया सुले ने शनिवार को कहा कि उन्हें चुनौती स्वीकार है। बारामती पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार का गढ़ माना जाता है, लेकिन बीते कुछ वर्षों से इस क्षेत्र में उनके भतीजे अजित पवार का वर्चस्व बढ़ा है।
हाल में संपन्न हुए ग्राम पंचायत चुनाव में भी अजित पवार गुट ने एनसीपी (शरद गुट) को भारी शिकस्त दी है। अब अजित पवार ने आगामी लोकसभा चुनाव में बारामती से प्रत्याशी उतारने की घोषणा कर अपने चाचा शरद पवार की मुश्किलें बढ़ा दी है। एनसीपी (अजित गुट) के सूत्रों का कहना है कि बारामती से भाजपा-शिवसेना-एनसीपी (अजित गुट) गठबंधन की तरफ से अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार या पुत्र पार्थ पवार चुनाव लड़ सकते हैं।
एनसीपी (अजित गुट) की कर्जत में हुई पार्टी के चिंतन शिविर में अजित पवार ने चार सीटों पर चुनाव लड़ने की घोषणा की है, जिसमें बारामती, शिरूर, रायगढ और सतारा शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) की कई सीटों पर उम्मीदवार उतारने की संकेत दिया है। बारामती में उनकी चचेरी बहन सुप्रिया सुले तीन बार से सासंद है, जबकि शिरूर से अमोल कोल्हे और सतारा से श्रीनिवास पाटिल सांसद हैं। एनसीपी के तीनों लोकसभा सदस्य शरद पवार के खेमे में हैं। वहीं, रायगढ़ से एनसीपी के सांसद सुनील तटकरे एनसीपी (अजित गुट) के प्रदेश अध्यक्ष हैं।
मैं सम्मानजनक लड़ाई के लिए तैयार हूं: सुप्रिया सुले
बारामती से अजित गुट के उम्मीदवार उतारे जाने की घोषणा पर सुप्रिया सुले ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को चुनाव लड़ने का अधिकार है। मैं सम्मानजनक लड़ाई के लिए तैयार हूं। सुले ने कहा, मैं लोकतंत्र में विश्वास करती हूं। मैं लोगों की सेवा के लिए कई साल से राजनीति में हूं। अजित गुट के फैसले से मुझे आश्चर्य नहीं हुआ है। यह कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं, यह विचार की लड़ाई है। बारामती और महाराष्ट्र की जनता तय करेगी कि कौन सही है।