एनसीपी के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि शरद पवार ही पार्टी अध्यक्ष बने रहें। शरद पवार के बाद पार्टी में सबसे बड़ा नेता अजीत पवार को माना जाता है। इसलिए पवार समर्थक नेताओं को आशंका है कि शरद पवार के फैसले के बाद अजीत पवार पार्टी अध्यक्ष बनाए जा सकते है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में अध्यक्ष पद को लेकर शुरू अटकलबाजी के बीच शरद पवार दो दिन तक देखो और इंतजार करो की भूमिका में रहे। इन दो दिनों में धीरे-धीरे काफी धुंध छंटने लगी है। उनके भतीजे अजीत और प्रदेश एनसीपी अध्यक्ष जयंत पाटिल ने भी अध्यक्ष पद स्वीकारने से मना कर दिया है।
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अजीत पवार और जयंत पाटिल ने भी नकारा अध्यक्ष पद
पार्टी के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने पहले ही कहा है कि उनकी अध्यक्ष बनने में दिलचस्पी नहीं है। इससे अब यह संभावना है कि शरद पवार नए फैसले में अपने वीटो पावर का इस्तेमाल करेंगे। शरद पवार के राकांपा अध्यक्ष पद छोड़ने की घोषणा के बाद अजीत पवार ही पार्टी के एकमात्र नेता हैं जिन्होंने उनके फैसले का समर्थन किया है।
दल के अधिकांश नेता और कार्यकर्ता चाहते हैं कि शरद पवार ही पार्टी अध्यक्ष बने रहें। शरद पवार के बाद पार्टी में सबसे बड़ा नेता अजीत पवार को माना जाता है। इसलिए पवार समर्थक नेताओं को आशंका है कि शरद पवार के फैसले के बाद अजीत पवार पार्टी अध्यक्ष बनाए जा सकते है।