शिंदे सरकार ने राज्यपाल से कहा कि उन्हें जल्द ही नामांकन की नई सूची से अवगत कराया जाएगा। वहीं राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने सोमवार को कहा, शिंदे सरकार की संवैधानिक वैधता सवालों के घेरे में है और इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
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राकांपा नेता महेश तापसे (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने सोमवार को दावा किया कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र सरकार राज्यपाल कोटे के तहत एमएलसी के रूप में 12 नामों के नामांकन के लिए पिछली महा विकास अघाड़ी की सिफारिश को वापस लेने का फैसला सत्तारूढ़ खेमे के नेताओं को लुभाने के लिए किया है।
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महाविकास अघाड़ी के नामों की सिफारिश को राज्यपाल ने नहीं दी थी मंजूरी
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उद्धव ठाकरे
- फोटो : Social media
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली महा विकास अघाड़ी सरकार ने दो साल पहले एमएलसी के रूप में नामांकन के लिए 12 नामों की सिफारिश की थी, लेकिन उनकी फाइल को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कभी मंजूरी नहीं दी। महाविकास अघाड़ी द्वारा सुझाए गए 12 नामों में अभिनेत्री उर्मिला मातोंडकर भी शामिल थीं जो कांग्रेस छोड़ने के बाद शिवसेना में शामिल हो गई थीं।
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राज्यपाल ने स्वीकार किया नई सरकार का फैसला
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भगत सिंह कोश्यारी
- फोटो : facebook.com/bsKoshyari
एक अधिकारी ने रविवार को बताया कि शिंदे सरकार ने सिफारिश को वापस लेने के लिए राज्यपाल को पत्र लिखा और कोश्यारी ने नई सरकार के फैसले को स्वीकार कर लिया।
जल्द ही नई सूची से राज्यपाल को अवगत कराएगी शिंदे सरकार
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एकनाथ शिंदे(फाइल)
- फोटो : Social Media
शिंदे सरकार ने राज्यपाल से कहा कि उन्हें जल्द ही नामांकन की नई सूची से अवगत कराया जाएगा। वहीं राकांपा के मुख्य प्रवक्ता महेश तापसे ने सोमवार को कहा, शिंदे सरकार की संवैधानिक वैधता सवालों के घेरे में है और इस पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
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भाजपा-शिंदे खेमे के नेताओं को लुभाने की कोशिश: राकांपा का दावा
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NCP FLAG
तापसे ने दावा किया कि पिछले महाविकास अघाड़ी सरकार द्वारा अनुशंसित नामों को रद्द करने का निर्णय भाजपा-शिंदे खेमे में नेताओं को लुभाने के लिए एक 'गाजर' है।
'एमवीए सरकार के फैसलों को पलटने के एकमात्र एजेंडे से प्रेरित शिंदे कैबिनेट'
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महेश तापसे (फाइल)
- फोटो : सोशल मीडिया
उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, "ऐसा लगता है कि शिंदे कैबिनेट महा विकास अघाड़ी सरकार द्वारा लिए गए पहले फैसलों को पलटने के एकमात्र एजेंडे से प्रेरित है।" उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाताओं की भावनाएं तेजी से भाजपा-शिंदे सरकार के खिलाफ हो रही हैं।