राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के मुखिया शरद पवार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कई राज्यों की सरकारों को अस्थिर करने की कोशिश की जा रही है। लोगों को सत्ता में बैठे लोगों के साथ उन्हीं की तरह बर्ताव करना चाहिए। एनसीपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पवार ने कहा कि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी देश के संसदीय लोकतंत्र पर हमला कर रही है। उन्होंने किसी भी राज्य का नाम लिए बिना कहा कि कई राज्यों में सरकारों को गिराने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, लोग उनके साथ वैसा ही व्यवहार करेंगे। जनता सब देख रही है।
हालांकि, पवार ने महाराष्ट्र में किए गए विकास कार्यों पर बात करते हुए भाजपा का नाम लिया। दरअसल, राज्य में हाल ही में महा विकास अघाड़ी सरकार को तगड़ा झटका लगा था और उनकी सरकार महज ढाई साल बाद ही गिर गई थी। इसके बाद शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने अन्य के साथ मिलकर भाजपा संग सरकार बनाई थी।
उन्होंने कहा कि भाजपा जो कर रही है, वह ठीक नहीं है। मध्यप्रदेश में जो भी हुआ या फिर महाराष्ट्र में जो भी किया गया, वो सभी को पता है। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि सत्ता की चाबी कुछ लोगों के हाथ में ही है। जब उनसे केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के आरोपों के बारे में कहा गया तो उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सत्ता में थी, उस वक्त उसने कभी भी ऐसा नहीं किया।
पवार ने दावा किया कि कांग्रेस ने कभी भी ईडी जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग नहीं किया, लेकिन राजनीतिक धमकी के लिए सत्ता का दुरुपयोग तब भी किया गया। यह समय सभी के लिए चुनौती से भरा है। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को भी चुनाव में करारी हार का सामना करना पड़ा था, जब आपातकाल हटाया गया था।
शिंदे ने किया पलटवार
मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि वह एक सेवक हैं और उनकी सरकार राज्य के नागरिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। लोगों के कल्याण के लिए अब जो फैसले लिए जा रहे हैं, वे ढाई साल पहले हो जाने चाहिए थे, लेकिन तब ऐसा नहीं हुआ। इसी का नतीजा है कि 50 विधायकों को एकजुट होकर खड़ा होना पड़ा। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर दिवंगत शिवसेना नेता और अपने गुरु आनंद दिघे को श्रद्धांजलि देने के बाद शहर के आनंद आश्रम में पत्रकारों से बातचीत में शिंदे ने कहा कि हमारा लक्ष्य सूबे का विकास करना है।
मुर्मू आदिवासी हैं इसलिए शिवसेना ने किया समर्थन : एनसीपी
एनसीपी के नेता ने कहा कि राष्ट्रपति चुनाव के लिए द्रौपदी मुर्मू का समर्थन शिवसेना ने एनडीए उम्मीदवार के तौर पर नहीं, बल्कि आदिवासी होने के कारण किया है। महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष जयंत पाटिल ने बुधवार को बताया कि मुर्मू को समर्थन करने की घोषणा से पहले शिवसेना ने एनसीपी से चर्चा नहीं की थी। उन्होंने कहा कि हर राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने अपनी पसंद बनाई है। मुर्मू आदिवासी समुदाय से संबंधित हैं, इसलिए सेना ने समर्थन किया है न कि एनडीए उम्मीदवार को तौर पर।