राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के नेता अजित पवार ने रविवार को कहा कि शरद पवार उनके शीर्ष नेता हैं। उनके इस्तीफे के साथ ही मुद्दा अब खत्म हो गया है और इस पर बार-बार चर्चा करने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) हमेशा एकजुट रहेगा।
'जल्द से जल्द हस्तक्षेप करे केंद्र सरकार'
मणिपुर हिंसा पर अजित पवार ने कहा, विपक्ष के नेता होने के नाते मैंने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री को यह सुनिश्चित करने के लिए पत्र लिखा है कि हम मणिपुर में फंसे छात्रों को वापस लाने में सक्षम हों। उन्होंने कहा, जल्द से जल्द केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना चाहिए और हिंसा को नियंत्रण में लाने की कोशिश करनी चाहिए।
अजित पवार को लेकर कई गलत धारणाएं: शरद पवार
इससे पहले राकांपा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा वापस लेने के लिए शरद पवार ने अजित पवार की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पार्टी के मेहनती सदस्य अजीत पवार को लेकर कई गलत धारणाएं हैं। उन्होंने कहा कि उनके भतीजे के बारे में भ्रम का माहौल बनाया जा रहा है।
'अफवाहों में बिलकुल भी सच्चाई नहीं'
शरद पवार की ये टिप्पणी अजित के राकांपा के कुछ विधायको के साथ भाजपा में शामिल होने की अफवाहों के बाद आई। पत्रकारों द्वारा इसपर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए शरद पवार ने कहा बहुत चर्चा थी कि वह भाजपा में जाएंगे, लेकिन क्या ऐसा हुआ उनके बारे में फैलाई गई अफवाहों में बिलकुल भी सच्चाई नहीं है।
अजित पवार की तारीफ करते हुए राकांपा के सुप्रीमो ने कहा, "अजित स्वभाव से अलग है। वह एक ऐसा व्यक्ति है जो जमीनी स्तर पर काम करना पसंद करता है। वह मीडिया फ्रेंडली नहीं है। वह केवल पार्टी और राज्य के लिए काम कर रहा है और उसके बारे में ही गलत धारणाएं फैलाई जा रही हैं।"
'विपक्षी एकजुटता की प्रक्रिया अभी शुरू हुई'
82 वर्षीय नेता के अचानक पद छोड़ने के एलान पर विपक्षी एकजुटता के प्रयासों पर सवालिया निशान लगने शुरू हो गए थे। इस पर उन्होंने कहा लोकसभा चुनाव मुश्किल से एक साल दूर है और विपक्ष को एकजुट करने की प्रक्रिया अभी शुरू ही हुई है। उन्होंने बताया कि मेरी तरफ से मेरे सहयोगियों और पार्टी कार्यकर्ताओं की भावनाओं की अनादर करना गलत होगा।