बजरंग दल विवाद के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम भाजपा पर पलटवार किया। उन्होंने रविवार को कहा कि कर्नाटक चुनाव से संबंधित कांग्रेस के घोषणा पत्र में यह नहीं कहा गया है कि राज्य में उनकी सरकार बनने से संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया जाएगा, लेकिन नफरत फैलाने वाली सभी संगठनों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई करने का वादा किया गया है।
भाजपा द्वारा किए जा रहे आलोचना के बाद पी चिदंबरम ने पलटवार करते हुए बजरंगदल की तुलना बजरंगबली से किए जाने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने विश्वास जताया है कि कर्नाटक की जनता सोच विचार कर अपने नेता का चयन करेगी।
उन्होंने कहा- "लोकतंत्र और कर्नाटक के भविष्य को बचाने के लिए हमें मिलकर भाजपा को राज्य में जीतने से रोकना होगा। राज्य में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के कार्यान्वयन और एनआरसी लागू करने पर भाजपा के वादे के बारे में सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा कि ये कुछ ऐसे मुद्दे हैं जो समाज को विभाजित करने और सामाजिक संघर्ष को बढ़ावा देता है।"
कांग्रेस के घोषणापत्र में बजरंग दल जैसे संगठनों के खिलाफ संभावित कार्रवाई किए जाने के वादे को लेकर पूछे गए सवाल में चिदंबरम ने कहा कि घोषणापत्र में बजरंग दल के ऊपर प्रतिबंध लगाने की बात नहीं कही गई है। उन्होंने कहा- "कृपया दो वाक्यों को दोबारा पढ़े। घोषणापत्र में दो संगठनों का जिक्र है, जो कठोर भाषा का इस्तेमाल करते हैं। कांग्रेस ने नफरत फैलाने वाले सभी संगठनों को चेतावनी दी है। पार्टी ने कानून के तहत संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करने का वादा किया है। मुझे आश्चर्य इस बात का है कि बजरंग दल बजरंगबली कैसे बन गया।"
कर्नाटक में 224 सदस्यीय विधानसभा के लिए 10 मई को चुनाव होने वाला है और 13 मई को परिणाम जारी किए जाएंगे।