राष्ट्रीय कंपनी विधि अपीलीय न्यायाधिकरण (एनसीएलएटी) ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भूषण पावर एंड स्टील की कुर्क की संपत्ति रिलीज करने को कहा है। इसके अलावा बिना उसकी मंजूरी के आगे कंपनी की कोई संपत्ति कुर्क नहीं करने का निर्देश दिया है। न्यायाधिकरण ने सोमवार को भूषण स्टील का अधिग्रहण करने के लिए जेएसडब्ल्यू से 19,500 करोड़ रुपये की अदायगी प्रक्रिया को फिलहाल स्थगित रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 अक्तूबर को होगी।
एनसीएलएटी के अध्यक्ष जस्टिस एस जे मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली पीठ ने ईडी को फटकार लगाते हुए कहा, अगर जांच एजेंसी इसी तरह काम करेगी तो दिवाला एवं ऋणशोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) विफल हो जाएगी। पीठ ने ईडी के साथ ही सीबीआई को दो दिन में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। गौरतलब है कि ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व प्रवर्तकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भूषण स्टील की संपत्ति जब्त की थी। पीठ ने कहा कि आईबीसी को इस तरह से खारिज नहीं किया जा सकता। मनी लॉन्ड्रिंग एक व्यक्ति द्वारा की जाती है। कॉरपोरेट कर्जदार की संपत्ति को कुर्क करना ईडी के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। खासकर तब जब संपत्ति कुर्क करने से संबंधित अर्जी लंबित हो।