मंदी पर विपक्ष और आर्थिक विशेषज्ञों के आरोपों से इनकार करने वाली मोदी सरकार को अब घर में ही आलोचना का शिकार होना पड़ा है। अर्थशास्त्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पति पराकला प्रभाकर ने कहा है कि सरकार मंदी की वास्तविकता को नकार रही है। उसे कांग्रेस के आर्थिक मॉडल पर अर्थव्यवस्था की हालत सुधारनी चाहिए।
प्रभाकर ने भाजपा के नेहरू मॉडल की आलोचना पर लिखा, इस मॉडल के प्रति मोदी सरकार का आलोचनात्मक रुख तो जाहिर है, लेकिन इस पक्ष में उनकी वकालत भी कुछ हद तक पूंजीवादी और मुक्त बाजार ढांचे वाली करार दी जा सकती हैा, जो अभी तक व्यवहारिकता में नहीं आई है।
आंध्र प्रदेश के राजनीतिक परिवार में दो जनवरी, 1959 को जन्मे प्रभाकर की अर्थव्यवस्था, राजनीति और सामाजिक मामलों पर अच्छी पकड़ है। उनकी मां आंध्र प्रदेश विधानसभा की सदस्य थीं, जबकि पिता दो बार राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री रहे। 1994 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर नारासापुरम सीट से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन एनटी रामाराव की आंधी में कांग्रेस को बुरी हार मिली।
इसके बाद भी वे कांग्रेस और भाजपा के टिकट पर चार बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़े, लेकिन कभी जीत नहीं सके। भाजपा ने तो उन्हें आंध्र प्रदेश का पार्टी प्रवक्ता भी बनाया था। बाद में वे दक्षिण के अभिनेता चिरंजीवी की प्रजा राज्यम पार्टी के संस्थापक महासचिवों में शामिल हुए। यहां भी उन्हें राजनीति रास नहीं आई। फिलहाल वे एक निजी कंपनी राइट फोलियो के प्रबंध निदेशक हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आर्थिक मोर्चे पर पति की आलोचना के जवाब में कहा कि मोदी सरकार ने पिछले पांच वर्षों में कई कल्याणकारी और बड़े बदलाव वाले कदम उठाए हैं। इस दौरान जीएसटी के रूप में सबसे बड़ा कर सुधार लागू किया गया तो आधार के जरिये नागरिकों को विशिष्ट पहचान भी दी। इसके अलावा उज्ज्वला योजना के तहत आठ करोड़ से ज्यादा मुफ्त गैस कनेक्शन बांटकर समाज के निचले तबकों को बड़ी राहत पहुंचाई है।