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NCDC: यूपी समेत 21 राज्य इसी साल हो जाएंगे मलेरिया मुक्त, केंद्र सरकार की राष्ट्रीय योजना तैयार

Sat, 06 Jan 2024 08:09 AM IST
यशोधन शर्मा परीक्षित निर्भय, नई दिल्ली

सार

राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने मलेरिया को लेकर राष्ट्रीय रणनीतिक योजना को तैयार किया है जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिये देश भर में लागू किया जाएगाा। 30 से ज्यादा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने योजना तैयार की है, जिसमें परीक्षण, उपचार और ट्रैकिंग के सहारे प्रत्येक जिले में मलेरिया के शून्य मामले लाने पर जोर दिया है।
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Dengue due to corona's affair, malaria forgotten health system
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विस्तार
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देश के 21 राज्य इसी वर्ष मच्छरजनित रोग मलेरिया से मुक्त होंगे। बाकी राज्यों को 2025 से 2027 के बीच घोषित किया जाएगा। 2027 तक पांच चरणों में भारत को मलेरिया से मुक्त कराने की यह योजना केंद्र सरकार ने तैयार की है जिसे राज्यों के साथ साझा किया जाएगा और मलेरिया फ्री फ्यूचर की अपील की जाएगी। अभी पुडुचेरी और लक्षद्वीप में बीते एक साल से भी ज्यादा समय से मलेरिया का कोई नया मामला सामने नहीं आया है।

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राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र ने मलेरिया को लेकर राष्ट्रीय रणनीतिक योजना को तैयार किया है जिसे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जरिये देश भर में लागू किया जाएगाा। 30 से ज्यादा स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने योजना तैयार की है, जिसमें परीक्षण, उपचार और ट्रैकिंग के सहारे प्रत्येक जिले में मलेरिया के शून्य मामले लाने पर जोर दिया है। पांच चरणों में से पहले चरण में 21 राज्यों की घोषणा होने का लक्ष्य है जिसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, पंजाब, हिमाचल प्रदेश समेत अन्य राज्य शामिल है।

इसलिए आसान है मलेरिया से मुक्ति
सरकार की रिपोर्ट ने जिला स्तर पर बीते सात वर्ष के आंकड़ो का हवाला देते हुए कहा है कि आगामी दिनों में अगर हर जिले में सतर्कता पर जोर दिया जाए तो तय लक्ष्य में मलेरिया से मुक्ति संभव है। राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम की निदेशक डॉ. तनु जैन का कहना है कि 2015 में देश के 30 जिलों में ही प्रति एक हजार की आबादी पर एक से कम व्यक्ति संक्रमित पाया गया। 2022 में ऐसे जिलों की संख्या बढ़कर 128 तक पहुंची है।
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यहां सबसे ज्यादा जोर
दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, गोवा, केरल, सिक्किम, चंडीगढ़, दमन और दीव- दादरा-नगर हवेली, हरियाणा, मणिपुर, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, आंध्र प्रदेश, नगालैंड, तमिलनाडु, कर्नाटक, असम, गुजरात, तेलंगाना, बिहार, अरुणाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और लद्दाख पहले चरण में शामिल हैं। इसमें पुडुचेरी और लक्षद्वीप भी शामिल हैं।

2000 से 2022 के बीच ऐसे बदली तस्वीर
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि वर्ष 2000 से 2022 के बीच भारत में प्रति एक हजार आबादी पर मलेरिया संक्रमित रोगी की औसतन संख्या 2.09 से घटकर 0.13 रह गई है। मलेरिया से होने वाली मौतें भी 932 से घटकर 83 हो गईं। अब मलेरिया पहले जैसा नहीं रहा है और हम सभी के प्रयास से इसे शून्य पर लाना है। मुझे उम्मीद है कि विशाल क्षमताओं के साथ विकसित भारत तय समय पर इस उपलब्धि को हासिल करेगा।

 डॉ. तनु जैन ने कहा कि मलेरिया उन्मूलन का लक्ष्य तय करते हुए देश के सभी जिले और तहसील में माइक्रो स्तर पर जांच, निगरानी और उपचार पर जोर दिया है। यह दिशा निर्देश राज्यों को उनका लक्ष्य हासिल करने में काफी मदद करेगा। अभी 27 जिले उच्च भार का सामना कर रहे हैं। मलेरिया फ्री फ्यूचर के लिए सभी का प्रयास जरूरी है। 

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