नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने डार्कनेट आधारित देशव्यापी ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी छात्र हैं। इनमें एक छात्रा भी है। एनसीबी ने गिरोह से 15,000 से ज्यादा एलएसडी ब्लॉट जब्त किए हैं। इसे अब तक की सबसे बड़ी बरामदगी बताई जा रही है। बता दें डार्कनेट का मतलब छिपे हुए इंटरनेट प्लेटफॉर्म हैं, जिनका इस्तेमाल मादक पदार्थ को बेचने, पॉर्नोग्राफी सामग्री के आदान-प्रदान और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के लिए किया जाता है।
अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों में एक छात्र गोवा, एक दिल्ली का है, जिसे कश्मीर में ड्रग्स डिलीवरी के प्रयास में दबोचा गया। गिरफ्तार लड़की एनसीआर की है। जयपुर व केरल से एक-एक सप्लायर को गिरफ्तार किया गया है। नारकोटिक्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस अधिनियम में 0.1 ग्राम एलएसडी रखना भी आपराधिक श्रेणी में आता है।
क्रिप्टो से भुगतान...अमेरिका तक नेटवर्क
एनसीबी उत्तरी रेंज के उप महानिदेशक ज्ञानेश्वर सिंह ने बताया कि गिरोह भुगतान के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग कर रहा था। इसका लेन-देन और आपूर्ति का नेटवर्क पोलैंड, नीदरलैंड व अमेरिका के साथ देश के कई राज्यों में है। सिंह ने बताया कि इससे पहले एनसीबी ने कोलकाता में 2022 में 5,000 एलएसडी ब्लॉट जब्त किए थे।
बरामद ड्रग्स की कीमत 10 करोड़ से ज्यादा
एलएसडी यानी लायसर्जिक एसिड डाईथाइलैमाइड एक सिंथेटिक रसायन है। इसके इस्तेमाल से गंभीर शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो रही हैं। इसका एक ब्लॉट 5-7 हजार का होता है। बरामद एलएसडी की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 10 करोड़ से ज्यादा है।
असुर की पवित्र आत्मा बता एलएसडी बेच रहा था गिरोह
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के अनुसार डार्कनेट आधारित देशव्यापी ड्रग्स गिरोह एलएसडी को गामागोब्लिन और होली स्पिरिट ऑफ असुर (असुर की पवित्र आत्मा) के नाम से बेच रहा था। एनसीबी के एक अधिकारी ने बताया कि कुल 14,961 एलएसडी ब्लॉट बरामद हुए। यह पूरा अभियान दो सप्ताह से चल रहा था।
आरोपियों के कब्जे से एलएसडी के अलावा 2.32 किलो गांजा भी मिला, जिसकी कीमत करीब 4.65 लाख है। इसके अलावा 4.88 लाख रुपये, 1,829 अमेरिकी डॉलर व 1,720 थाई बाट बरामद किए। 20 लाख की एफडी का भी पता चला है।
क्रिप्टो फंड होगा फ्रीज
एनसीबी अधिकारियों ने बताया कि अपराध में इस्तेमाल किए जाने वाले क्रिप्टो फंड को फ्रीज किया जाएगा। इसकी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। चूंकि खरीदार और आपूर्तिकर्ताओं के बीच ज्यादातर बातचीत डार्कनेट के जरिये से हुई, इस कारण क्रिप्टो फंड ट्रेस करने में दिक्कतें आ रही हैं।
ड्रग्समुक्त भारत के तहत एनसीबी की कार्रवाई सराहनीय: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एनसीबी को बधाई देते हुए कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रग्समुक्त भारत के विजन के साथ एनसीबी की टीम ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस उपलब्धि के लिए एनसीबी की टीम को बधाई देता हूं। साइबर सतर्कता और खुफिया जानकारी के अच्छे समन्वय से इस अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया। साथ ही उन्होंने कहा, गहन सतर्कता और बेहतर समन्वय के कारण, पिछले कुछ वर्षों में भारत में नशीली दवाओं की जब्ती में तेजी से वृद्धि हुई है।