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INS Vikrant: पहली बार समुद्र के बीच आईएनएस विक्रांत पर होगी नौसेना कमांडर्स की बैठक, जानें खासियत

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु मिश्रा Updated Sun, 05 Mar 2023 11:26 AM IST

सार

कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा से जुड़े सैन्य और रणनीति स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इसके अलावा पिछले छह महीनों के दौरान किये नेवी के ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक, ट्रेनिंग, मानव संसाधन और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी।
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नौसेना की कमांडर कॉन्फ्रेंस छह मार्च से शुरू होने जा रही है - फोटो : सोशल मीडिया


कॉन्फ्रेंस में सुरक्षा से जुड़े सैन्य और रणनीति स्तर पर महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इसके अलावा पिछले छह महीनों के दौरान किये नेवी के ऑपरेशंस, लॉजिस्टिक, ट्रेनिंग, मानव संसाधन और भविष्य की योजनाओं पर भी चर्चा होगी। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान हिंद महासागर में चीन की बढ़ती गतिविधियों पर भी कमांडर्स चर्चा करेंगे। 


पीएम मोदी ने संयुक्त कमांडर्स को संबोधित किया था

ये पहली बार है जब बीच समुद्र नेवी कमांडर्स का कॉन्फ्रेंस होने जा रहा है। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2015 में आईएनएस विक्रमादित्य पर संयुक्त कमांडर कॉफ्रेन्स को संबोधित किया था। आईएनएस विक्रांत को नौसेना में शामिल हुए छह महीने बीत चुके हैं। फिलहाल इस पर तैनात होने वाले लड़ाकू विमानों का ट्रायल चल रहा है। 


अभी आईएनएस विक्रांत पर उड़ान परीक्षण किए जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फरवरी में स्थानीय रूप से बनाए गए लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और रूसी-मूल मिग-29k के नौसेना संस्करण का एक प्रोटोटाइप पहली बार वाहक से उतारा गया और पहली बार आईएनएस विक्रांत से उड़ान भरा। वहीं, फ्रेंच राफेल एम फाइटर ने पिछले दिसंबर में आईएनएस विक्रांत के लिए एक सीधी प्रतियोगिता में अमेरिकी एफ/ ए-18 सुपर हॉर्नेट को रेस से बाहर कर दिया। राफेल का निर्माण दसॉल्ट एविएशन द्वारा किया जाता है, जबकि सुपर हॉर्नेट एक अमेरिकी विमान है। 

 
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