भारतीय नौसेना के 'द इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग 2023' को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नौसेना ने समुद्री कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में अधिक रचनात्मक भूमिका निभाने के अपने प्रयासों को प्राथमिकता दी है।
चीनी सेना द्वारा मछुआरों को धमकाने से दक्षिण चीन सागर में स्थापित कानूनों के उल्लंघन की संख्या बढ़ गई है। यह साफतौर पर समुद्री अनुशासन के लिए खतरा है। भारतीय नौसेना के प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार ने बुधवार को यह बात कही। इंडो-पैसिफिक में बहुराष्ट्रीय ताकतों की बढ़ती मौजूदगी के कारण यह डर है कि क्षेत्र का 'ग्लोबल कॉमन्स' 'कंटेस्टेड' सीज' में बदल सकता है।
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इंडो-पैसिफिक की भौगोलिक परिभाषा के बारे में अलग-अलग व्याख्याओं पर चर्चा करते हुए नौसेना प्रमुख ने कहा, यह क्षेत्र भारत के लिए अफ्रीका के पूर्वी तटों से लेकर अमेरिका के पश्चिमी तटों तक फैला हुआ है। वहीं अमेरिका के लिए यह प्रशांत तट रेखा से लेकर हिंद महासागर है। लेकिन जब इंडो-पैसिफिक को परिभाषित करने की बात आती है तो सीमाएं ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं रह जाती है। उन्होंने कहा, अदन की खाड़ी में समुद्री डकैती रोधी गश्त सहित कई अभियानों के लिए अतिरिक्त क्षेत्रीय बलों के 50 से अधिक युद्धपोत हिंद महासागर क्षेत्र में तैनात रहते हैं।
बता दें सेमिनार में भारत-प्रशांत समुद्री व्यापार और कनेक्टिविटी पर भू-राजनीतिक प्रभावों' पर जोर दिया, जिसमें "समुद्री सुरक्षा" सहित भारत-प्रशांत महासागर पहल (आईपीओआई) के सभी सात स्तंभों के बीच बहुआयामी संबंधों पर प्रकाश डाला गया।
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भारतीय नौसेना के वार्षिक शीर्ष स्तरीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन, 'द इंडो-पैसिफिक रीजनल डायलॉग 2023' को संबोधित करते हुए नौसेना प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय नौसेना ने समुद्री कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने की दिशा में अधिक रचनात्मक भूमिका निभाने के अपने प्रयासों को प्राथमिकता दी है। पूरे क्षेत्र में और इसे तीन महत्वपूर्ण बिंदुओं में रेखांकित किया। एडमिरल हरि कुमार ने आम समुद्री चुनौतियों से निपटने के लिए 'सहभागी' और 'समावेशी' दृष्टिकोण के साथ आम समुद्री चुनौतियों का सामना करने के महत्व को समझाया।