नौसेना ने अपने अड्डों, नौसैनिक इकाइयों व अन्य परिसंपत्तियों के तीन किलोमीटर के क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। यह फैसला ऐहतियात के तौर पर लिया गया है। हाल ही में जम्मू-कश्मीर में वायुसेना के अड्डे पर ड्रोन से हमला किया गया था। हालांकि इससे बहुत बड़ी क्षति नहीं हुई थी, लेकिन ड्रोन से आतंकी हमले का देश में यह पहला वाकया था। इसके बाद से देशभर में रक्षा प्रतिष्ठानों को सतर्क कर दिया गया है।
रक्षा प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को बताया कि नौसेना ने नौसैन्य अड्डे, नौसैन्य इकाई और नौसेना संपत्तियों के तीन किलोमीटर के दायरे में ड्रोन जैसी गैर-पारंपरिक हवाई वस्तुओं की उड़ान पर रोक लगा दी है।
उड़ाने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी
प्रवक्ता ने कहा कि ‘‘आरपीए (रिमोट संचालित उड़ान प्रणाली) समेत किसी भी गैर-पारंपरिक हवाई वस्तु पर इस रोक का उल्लंघन करने पर उन्हें नष्ट या जब्त कर लिया जाएगा और इसके अतिरिक्त संचालक के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 121, 121ए, 287, 336, 337 और 338 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। पिछले महीने जम्मू में भारतीय वायु सेना के अड्डे पर ड्रोन हमले के मद्देनजर यह फैसला किया गया है। हमले में वायु सेना के दो कर्मी घायल हो गए थे। सरकारी अधिकारियों ने कहा कि आतंकवादी हमले को अंजाम देने के लिए ड्रोन का इस्तेमाल देश के लिए एक नए सुरक्षा खतरे की शुरुआत है।