महाराष्ट्र में जहां शिवसेना को लेकर उद्धव और एकनाथ शिंदे के बीच में लड़ाई जारी है, वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे एकनाथ शिंदे से जुड़े एक नवरात्रि कार्यक्रम में शामिल हुईं। वे गुरुवार को ठाणे शहर में थी। यहां उन्होंने गुरुवार को पहले पार्टी के ठाणे मुख्यालय 'आनंद आश्रम' का दौरा किया और दिवंगत आनंद दीघे को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे ठाणे शहर के तेम्बी नाका में एक नवरात्रि कार्यक्रम में शामिल हुईं और मां दुर्गा की पूजा अर्चना की।
गौरतलब है कि तेम्बी नाका शिंदे गुट का गढ़ माना जाता है। तेम्बी नाका में इन समारोहों की शुरुआत ठाणे के दिवंगत पार्टी नेता आनंद दिघे ने की थी। बाद में यहां इन उत्सवों की कमान अब शिंदे गुट ने संभाल ली है। सीएम एकनाथ शिंदे खुद सोमवार को नवरात्रि के पहले दिन यहां पहुंचे थे। बता दें कि आनंद दिघे इस क्षेत्र के बेहद लोकप्रिय नेता हैं। उन्हें महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गुरु माना जाता है।
गौरतलब है कि जिस समय पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे की पत्नी रश्मि ठाकरे नवरात्रोत्सव मंडल पहुंची थी तो वहां ठाणे के लोकसभा सांसद राजन विचारे, राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी के साथ-साथ उद्धव ठाकरे गुट के सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। इनमें से ज्यादातर महिलाएं थीं। हालांकि उन्होंने वहां ना तो मीडिया से कोई बात की और ना ही कोई बयान दिया।
अशोक चव्हाण के दावे पर शिंदे गुट के विधायक ने किया पलटवार
महाराष्ट्र में शिवसेना पर अपने हक को लेकर उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे गुट के बीच चल रहे विवाद के बीच महाराष्ट्र के मंत्री अब्दुल सत्तार ने गुरुवार को बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि जब वह पहले कांग्रेस में थे तो पार्टी नेता अशोक चव्हाण ने एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर राज्य में शिवसेना के साथ गठबंधन करने का प्रस्ताव रखा था। उनका यह प्रतिक्रिया कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण के उस बयान के बाद सामने आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि एकनाथ शिंदे भाजपा के साथ संबंध तोड़ने और शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन सरकार बनाने के प्रस्ताव लेकर उनके पास आए थे। जिसके बाद पूर्व सीएम ने उन्हें राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार से परामर्श करने के लिए कहा था।
चव्हाण के दावे पर शिंदे गुट के विधायक सत्तार ने कहा कि वह वास्तव में चव्हाण थे और उन्होंने खुद शिंदे से सरकार गठन के लिए शिवसेना-कांग्रेस गठबंधन बनाने के प्रस्ताव के साथ संपर्क किया था। उन्होंने कहा था कि जब मैं कांग्रेस में था, अशोक चव्हाण और मैंने शिंदे से सरकार बनाने का अनुरोध किया था। एकनाथ शिंदे उस समय भारतीय जनता पार्टी के देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे और चव्हाण महाराष्ट्र कांग्रेस के अध्यक्ष थे।