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सिद्धू को खालिस्तानी आतंकी गोपाल चावला ने कहा 'पाजी', शेयर की साथ खिंचवाई तस्वीर

Thu, 29 Nov 2018 09:36 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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खालिस्तानी आतंकी के साथ नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : Manjinder Singh Sirsa Twitter
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पंजाब कैबिनेट के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के पाकिस्तान जाने का विवाद अभी थमा भी नहीं था कि एक और विवाद शुरू होने के आसार लग रहे हैं। मंगलवार को करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास पर पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल कमर बाजवा के साथ खालिस्तानी आतंकवादी और हाफिज सईद का करीबी माना जाने वाला गोपाल चावला नजर आया था। कार्यक्रम के दौरान वह बाजवा से हाथ मिलाते हुए दिखाई दिया था। अब सोशल मीडिया पर सिद्धू की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिससे विवाद पैदा हो सकता है।

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दरअसल, नवजोत सिंह सिद्धू खालिस्तानी आतंकवादी गोपाल सिंह चावला के साथ एक तस्वीर में नजर आ रहे हैं। इस तस्वीर को दिल्ली के राजौरी गार्डन से भाजपा विधायक और शिरोमणि अकाली दल के नेता मनजिंदर सिंह सिरसा ने ट्वीट की है।

तस्वीर साझा करते हुए सिरसा ने लिखा, 'कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पाकिस्तान जाने से इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि पाक भारत विरोधी और पंजाब विरोधी गतिविधियों का समर्थन करता है लेकिन उनके अपने मंत्री सिद्धू ने उनकी इच्छा के विरुद्ध जाकर गोपाल चावला के साथ तस्वीर खिंचाई। चावला हाफिज सईद का करीबी है और भारत विरोधी शख्स है। क्या कैप्टन साहब अपने गैर जिम्मेदाराना मंत्री को बरखास्त करेंगे?'
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बता दें कि बुधवार को भारत और पाकिस्तान के बीच बनाए जा रहे करतारपुर कॉरिडोर की नींव पाकिस्तान में रखी गई थी। जहां बाजवा गोपाल सिंह चावला से हाथ मिलाते हुए नजर आए थे। जिससे विवाद खड़ा हो गया था। चावला पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का महासचिव है। उसे मुंबई में हुए आतंकी हमलों के मास्टरमाइंड सईद का करीबी माना जाता है। 21 और 22 नवंबर को भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को गुरुद्वारे के अंदर प्रवेश न करने देने के मामले में भी चावला का नाम सामने आया था।
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इस कॉरिडोर को खोले जाने के बाद सुरक्षा एजेंसियों को डर है कि इस मार्ग का दुरुपयोग भी हो सकता है। दरअसल पाकिस्तान में अभी भी खालिस्तान समर्थकों की तादाद काफी ज्यादा है और उन्हें पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल है। ऐसे में आशंका है कि इस कॉरिडोर का उपयोग करते हुए खालिस्तान समर्थक पंजाब के युवाओं को उग्रवाद के लिए उकसा सकते हैं। केवल इतना ही नहीं, इस मार्ग का उपयोग नशीली दवाओं की तस्करी के लिए भी किया जा सकता है।
 


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