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राष्ट्रीय युद्ध स्मारक: वीरता पदक विजेता लेफ्टिनेंट कर्नल बोले- यह देश के सभी युद्ध स्मारकों का प्रतीक

Sat, 22 Jan 2022 11:50 PM IST
Jeet Kumar पीटीआई, कोलकाता

सार

लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज केआर सिंह ने कहा कि देश में कई युद्ध स्मारक हैं लेकिन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक सभी का प्रतीक है। देश में सैनिकों के लिए बहुत गर्व का क्षण है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक दिखाता है कि एक शहीद सैनिक को हमेशा याद किया जाएगा।
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national war memorial - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इंडिया गेट पर स्थित अमर जवान ज्योति को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के पास जल रही ज्योति में विलय करने पर विवाद छिड़ गया है। लोग सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं। इस बीच कुछ लोगों के साथ सैनिकों और पूर्व सैनिकों ने इसका समर्थन किया है।

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वीरता पदक प्राप्त स्पेशल फ्रंटियर फोर्स के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज केआर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय युद्ध स्मारक देश के सभी युद्ध स्मारकों का प्रतीक है। इन अधिकारी को 30 अगस्त, 2020 को पूर्वी लद्दाख में चुशुल घाटी में ऊंचाई पर कब्जा करने के लिए यह अवार्ड दिया गया था। भारतीय सेना ने 29-30 अगस्त 2020 को पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे के पास रेजांग ला हाइट्स की ऊंचाइयों पर कब्जा करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया था, ताकि चीनियों के ऐसा करने से पहले एलएसी पर ऊंचाई पर कब्जा कर सके।

लेफ्टिनेंट कर्नल नीरज केआर सिंह ने कहा कि देश में कई युद्ध स्मारक हैं लेकिन राष्ट्रीय युद्ध स्मारक सभी का प्रतीक है। देश में सैनिकों के लिए बहुत गर्व का क्षण है। राष्ट्रीय युद्ध स्मारक दिखाता है कि एक शहीद सैनिक को हमेशा याद किया जाएगा। दिल्ली में स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक हमारे जवानों के बलिदान को याद दिलाने के लिए बनाया गया है। यहां हजारों जवानों के नाम हैं जिन्होंने देश के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।
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उन्होंने आगे कहा कि युद्ध स्मारक देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अमर जवान ज्योति का राष्ट्रीय युद्ध स्मारक के साथ विलय सभी सैनिकों के लिए बहुत गर्व का क्षण है। यह दर्शाता है कि एक सैनिक देश के लिए अपना जीवन बलिदान करने के लिए हमेशा तैयार रहता है।

क्या है स्पेशल फ्रंटियर फोर्स
स्पेशल फ्रंटियर फोर्स 14 नवम्बर 1962 को बनाया गया भारत का एक विशेष अर्द्धसैनिक बल हैं। इसका मुख्य लक्ष्य था मूल रूप से चीन के साथ अगले संघर्ष की पूर्व तैयारी। इस बल को छापामार युद्ध और खुफिया सूचनाएं जुटाने के लिए प्रशिक्षित किया गया था। यह रॉ का ही शाखा हैं।

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