कर्नाटक में अखिल भारतीय कांग्रेस समिति (एआईसीसी) के पर्यवेक्षक एचके पाटिल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर गंभीर चिंता जताई। उन्होंने चुनाव आयोग के कामकाज में पूरी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। पाटिल ने कहा कि विभिन्न राज्यों से मतदाता सूची में संशोधन को लेकर गंभीर शिकायतें मिली हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बड़ी संख्या में मतदाताओं को बिना उचित सत्यापन के सूची से बाहर कर दिया गया है। पाटिल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र की रक्षा के लिए लड़ रहे हैं। इस लड़ाई के तहत 1 नवंबर को राष्ट्रीय राजधानी में 10 लाख लोगों की एक बड़ी जनसभा आयोजित होगी। इसमें राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, प्रियंका गांधी और केसी वेणुगोपाल जैसे नेता शामिल होंगे। पाटिल ने रविवार को मतदाता सूची के डिजिटल प्रणाली में पारदर्शिता और पात्र मतदाताओं के नाम बहाल करने की भी मांग की।
काला जादू के शक में हत्या, ओझा सहित 4 गिरफ्तार
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में काला जादू के शक में एक 46 वर्षीय महिला की हत्या के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने रविवार को बताया कि गिरफ्तार लोगों में एक ओझा भी है। चाईबासा सदर एसडीपीओ बाहमन टूटी ने बताया, शनिवार सुबह पुलिस को काराकेला थाना क्षेत्र के कोलजोमरो गांव में घटना की सूचना मिली। वहां रेंदाई सुंभुरुई का खून से लथपथ शव मिला। शुक्रवार देर रात चार आरोपी उसके घर में घुसकर सो रही रेंदाई को पीटकर गला घोंट दिए। मृतका के पति की शिकायत पर बीएनएस व डायन प्रथा रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने जोनुआ गांव के निवासी बुधु होनहागा, मार्टिन डिकी, मार्टुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा को गिरफ्तार किया है।
42 साल बाद इंतजार खत्म: तमिलनाडु की दलित बस्ती में पहली बार पहुंचा मंदिर का रथ
तमिलनाडु के कांचीपुरम जिले में एक ऐतिहासिक सामाजिक सुधार देखने को मिला है, जहां मद्रास हाईकोर्ट के आदेश और जिला प्रशासन की पहल के बाद 42 साल के लंबे इंतजार के बाद एक मंदिर का रथ दलित बस्ती में दाखिल हुआ। कांचीपुरम जिले के वालाजाबाद के पास स्थित पुथागरम गांव में 'अरुलमिगु श्री मुथु कोलाक्की अम्मन मंदिर' का वार्षिक रथ उत्सव होता है। स्थानीय दलित बस्ती के निवासियों ने मांग की थी कि मंदिर का रथ उनके इलाके से भी गुजरना चाहिए। हालांकि, गांव के एक अन्य वर्ग ने इसका विरोध किया, जिससे रथ के मार्ग को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इससे संबंधित याचिका पर मद्रास उच्च न्यायालय ने आदेश दिया कि मंदिर का रथ अनिवार्य रूप से दलित बस्ती में प्रवेश करेगा। आदेश के बावजूद लंबे समय से यह रथ यात्रा रुकी हुई थी। इस बीच जिला प्रशासन के निर्देशों पर रविवार को इस मार्ग पर रथ का ट्रायल रन (परीक्षण) हुआ।
पेंटिंग से आपातकाल की विभीषिका दिखाने वाले चित्रकार जोगन नहीं रहे
टाइगर इन द मूनलाइट जैसी पेंटिंग से आपातकाल की विभीषिका को दिखाने वाले प्रख्यात चित्रकार और पूर्व राज्यसभा सांसद जोगेन चौधरी का रविवार को 87 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 1939 में अविभाजित बंगाल के फरीदपुर में जन्मे चौधरी पिछले 14 महीनों से दुर्लभ रक्त कैंसर से जूझ रहे थे। कोलकाता के रूबी जनरल अस्पताल में इलाज के दौरान रविवार सुबह 10:15 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। अस्पताल के अनुसार, चौधरी को 16 अक्तूबर को भर्ती कराया गया था।
2029 तक इसरो के पास होंगे 4 लॉन्चपैड स्टार्टअप्स को बढ़ावा
इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने घोषणा की है कि भारत 2029 तक चार कार्यशील लॉन्चपैड के साथ अपने अंतरिक्ष अभियानों का बड़ा विस्तार करेगा। वर्तमान में इसरो के पास श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र में दो सक्रिय लॉन्च पैड हैं। श्रीहरिकोटा में तीसरा लॉन्च पैड बनाया जाएगा और तमिलनाडु के कुलशेखरपट्टिनम में एक नया लॉन्च कॉम्प्लेक्स (स्पेसपोर्ट) तैयार किया जा रहा है। इसरो प्रमुख ने साफ किया कि हजारों हाई-टेक नौकरियां पैदा करने के लिए स्पेस स्टार्टअप्स के साथ भागीदारी को मजबूती दी जाएगी।
जज के नाबालिग बेटे ने मर्सिडीज से रौंदा स्कूटर सवार की मौत
केरलम के कोच्चि में शनिवार देर रात एक मर्सिडीज-बेंज कार ने स्कूटर को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटर सवार (54) की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। पुलिस एडिशनल सेशन जज का नाबालिग बेटा (17) चला रहा था। कार जज के नाम पर पंजीकृत थी। हादसा रात 2 से 3 बजे के बीच हुआ। वहीं पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस थाने में जब उन्होंने नाबालिग को कार चलाने देने पर सवाल उठाया, तो जज ने प्रायश्चित की बजाय उन पर धौंस जमाते हुए बदतमीजी की।
SRFTI: प्रदर्शनकारी छात्रों का बिजली काटने का दावा
सत्यजित रे फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) के प्रदर्शनकारी छात्रों ने रविवार को दावा किया कि जिस एकमात्र कक्षा का उपयोग वे इंटरनेट और कार्यस्थल की सुविधाओं के लिए कर रहे थे, उसकी बिजली काट दी गई है। उन्होंने प्रशासन पर उनके आंदोलन को समाप्त करने के लिए दबाव बढ़ाने और दंडात्मक उपायों को तेज करने का गंभीर आरोप लगाया है। दूसरी ओर, संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने छात्रों के इन दावों को सरासर झूठ बताया। अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इंटरनेट का संबंध नहीं काटा गया है और छात्र दिनभर परिसर से अपनी गतिविधियों तथा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का सीधा प्रसारण (लाइव-स्ट्रीमिंग) कर रहे थे। यह पूरा विवाद परिसर की सुरक्षा, हिंसक घटनाओं की जवाबदेही और नियमों का पालन न करने के आरोप में आंदोलनरत छात्रों के खिलाफ की गई अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर दोनों पक्षों के बीच चल रहे गतिरोध के दौरान सामने आया है।