बंगाल में जेपी नड्डा के काफिले पर हमला करने वाले दो बदमाश हथियारों संग गिरफ्तार, रंगदारी मांगने पर पुलिस ने दबोचा
पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है, जहां लोगों को डरा-धमकाकर जबरन वसूली करने वाले दो शातिर बदमाशों, संजीव मोंडल और आरिफ हुसैन उर्फ रिपन को उस्ती इलाके से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके पास से एक 7-एमएम पिस्तौल, एक देसी कट्टा, मैगजीन और कई जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि ये वही आरोपी हैं जो साल 2020 में बीजेपी के तत्कालीन अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले में शामिल थे, साथ ही 2025 के एक जानलेवा हमले के मामले में भी इनकी तलाश थी। इस गिरफ्तारी के बाद स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं ने खुशी में मिठाइयां बांटीं और आरोप लगाया कि पकड़े गए दोनों आरोपी टीएमसी से जुड़े हुए हैं, हालांकि पुलिस फिलहाल यह पता लगाने में जुटी है कि इनके पास ये गैर-कानूनी हथियार कहां से आए थे।
तंत्र-मंत्र के नाम पर महिलाओं का यौन शोषण करने वाला तांत्रिक गिरफ्तार, 50 वीडियो मिले
तमिलनाडु पुलिस ने सलेम जिले से तांत्रिक विजयाराजा (50) को गिरफ्तार कर लिया। उस पर महिलाओं व नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण करने और उनकी आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप हैं। आरोपी ने वीडियो डार्क वेब पर भी डाल दिए। पुलिस ने रविवार को बताया, विजयाराजा वाजापाड़ी के पास सनीश्वर नाम से तांत्रिक अनुष्ठान केंद्र चलाता था। आरोप है कि वह अनुष्ठान के बहाने महिलाओं की चोरी-छिपे वीडियो रिकॉर्ड करता था। पुलिस का कहना है कि कुछ पीड़ितों को प्रसाद के नाम पर नशीली या बेहोशी की दवा मिली चीजें दी जाती थीं और उनका यौन शोषण किया जाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से एक लैपटॉप बरामद किया, जिसमें 50 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मिले। मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए गए हैं।
छात्रा की शिकायत पर मामला सामने आया
मामला तब सामने आया जब एक स्कूली छात्रा ने विनायक चतुर्थी के लिए चंदा लेने के दौरान विजयाराजा पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया। छात्रा ने परिजनों को जानकारी दी, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने केंद्र पर पहुंचकर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की। तब वह मौके से भाग गया, लेकिन बाद में पकड़ा गया।
बर्तन बनाने की फैक्टरी में करता था काम
विजयराजा एक बर्तन बनाने वाली फैक्टरी में काम करता था। पूछताछ के दौरान उसने कबूल किया कि एक पोर्टल उसे ऐसे वीडियो के लिए पैसे देता था, इसलिए उसने पीड़ितों के वीडियो बनाए और फुटेज उस वेबसाइट को भेज दिए। एजेंसी