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न्यूज डायरी: त्रिपुरा में घुसे बांग्लादेशी पुलिसकर्मी लौटाए गए; असम में परेश बरुआ समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट

Sat, 17 Oct 2026 08:27 AM IST
ज्योति भास्कर न्यूज डेस्क, अमर उजाला।
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देश की बड़ी खबरें - फोटो : @अमर उजाला ग्राफिक्स
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त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में सीमा पार कर आए बांग्लादेश के दो पुलिसकर्मियों को शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बांग्लादेश के अधिकारियों को सौंप दिया। दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर तस्करी के संदिग्ध लोगों का पीछा करते हुए भारतीय क्षेत्र में घुस आए थे। राज्य पुलिस के प्रवक्ता राजदीप देब के मुताबिक, सहायक उपनिरीक्षक इमरान हुसैन और कांस्टेबल रोहित देवान बांग्लादेश के कुमिल्ला जिले के ब्रह्मणपारा पुलिस थाने में तैनात थे। दोनों सिपाहीजला जिले के कलमचौरा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव आशाबाड़ी में दाखिल हुए थे। गांव के लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों को पकड़ लिया और आगे की कार्रवाई के लिए बीएसएफ को सौंप दिया। इसके बाद सीमा पर गेट नंबर 49 के पास रहिमपुर सीमा चौकी के तहत बीएसएफ और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के बीच फ्लैग मीटिंग हुई। इसी बैठक के दौरान दोनों पुलिसकर्मियों को बांग्लादेश के अधिकारियों के हवाले कर दिया गया। राजदीप देब ने बताया कि पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हुई। इलाके में स्थिति सामान्य है और निगरानी जारी है।

गुवाहाटी में IED बरामदगी मामला: परेश बरुआ समेत पांच के खिलाफ चार्जशीट

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने असम के गुवाहाटी में 15 अगस्त 2024 को आईईडी मिलने के मामले में उल्फा (आई) प्रमुख परेश बरुआ समेत पांच आरोपियों के खिलाफ शुक्रवार को चार्जशीट दाखिल की। यह चार्जशीट गुवाहाटी की विशेष NIA अदालत में दाखिल की गई। एनआईए के मुताबिक, अन्य आरोपियों में कनक च गोगोई उर्फ ऐशेंग असम, जाह्नु बरुआ, भार्गव गोगोई और सुमू गोगोई शामिल हैं। यह मामला गुवाहाटी के पानबाजार इलाके में मोतीलाल नेहरू रोड पर लगाए गए इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) की बरामदगी से जुड़ा है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023, गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए), 1967 और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए गए हैं। एनआईए के अनुसार, आरोपी असम में कई जगह आईईडी धमाके करने की साजिश का हिस्सा थे। एजेंसी का कहना है कि इन धमाकों का मकसद जान-माल का नुकसान करना, भारत की सुरक्षा और संप्रभुता को खतरे में डालना और लोगों में दहशत फैलाना था।

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लॉटरी किंग ने द्रमुक व अन्नाद्रमुक को दिया 260 करोड़ का चंदा
कोलकाता की लॉटरी कंपनी टाइगर एसोसिएट्स ने 2025-26 में तमिलनाडु की दो प्रमुख राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी पार्टियों द्रमुक को 125, अन्नाद्रमुक को 135 करोड़ यानी कुल 260 करोड़ रुपये का चंदा दिया। निर्वाचन आयोग को सौंपी गई एक रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। दोनों दलों ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान कुल 352.55 करोड़ रुपये का चंदा मिलने की बात कही थी। इसका लगभग 74 प्रतिशत हिस्सा इसी लॉटरी कंपनी से आया था। टाइगर एसोसिएट्स ने 2024-25 में दोनों पार्टियों को 110 करोड़ रुपये का चंदा दिया था।

नासा के मिशन का नेतृत्व करेंगी भारतवंशी खगोलविद रम्या अंचे
कर्नाटक के बंगलूरू में जन्मीं भारतवंशी खगोलविद डॉ. रम्या मंजूनाथ अंचे नासा के एक बड़े स्पेस टेलिस्कोप मिशन का नेतृत्व करेंगी। नासा ने उन्हें अपने आगामी पफिंस मिशन के लिए मुख्य अनुसंधानकर्ता के रूप में चुना है। इस मिशन की कुल लागत 20 मिलियन डॉलर (लगभग 168 करोड़ रुपये) है। इस मिशन का मुख्य उद्देश्य अंतरिक्ष में तारों के बीच मौजूद कॉस्मिक डस्ट (अंतरतारकीय धूल के बेहद छोटे कणों) का अध्ययन करना है। वैज्ञानिक यह पता लगाएंगे कि ये धूल के कण किस तरह नए तारों और ग्रहों का निर्माण करते हैं, जो पिछले 50 वर्षों से एक पहेली बना हुआ है।
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अंतरिक्ष में धूम मचाने की तैयारी इसरो, स्पेस में भेजेगा अपना पहला रोबोट
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) अंतरिक्ष में अपना पहला रोबोट ह्यूमनॉइड स्पेस वर्कर भेजने की तैयारी में है। इसके लिए इसरो ने पुणे की एक निजी कंपनी मस्क रोबोटिक्स को भारत का पहला आधिकारिक ह्यूमनॉइड स्पेस वर्कर स्पेस-ओ प्राइम विकसित करने का प्रोजेक्ट सौंपा है। यह पहल भारतीय अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में अंतरिक्ष परिचालन में सक्षम स्वदेशी और बुद्धिमान रोबोट तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह एक उन्नत इंसानों की तरह दिखने वाला अत्यधिक बुद्धिमान और स्वायत्त रोबोट होगा जो अंतरिक्ष के कठिन और खतरनाक वातावरण में काम करने में सक्षम होगा। इंसानी औजारों, वर्कस्टेशनों और उपकरणों के हिसाब से बने वातावरण में ह्युमनॉइड रोबोट काफी उपयोगी साबित हो सकते हैं। उनके जोड़दार हाथ और इंसानों जैसी शारीरिक बनावट उन्हें उपकरणों को संभालने, औजारों का उपयोग करने और मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ काम करने में सक्षम हैं बनाते हैं।
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