तेजी से बंजर होती जमीनों को बचाने के लिए केंद्र सरकार जल्द ही राष्ट्रीय कार्य योजना तैयार करेगी। सरकार ने उम्मीद जताई है कि 2030 तक बंजर जमीन की समस्या पर काबू पा लिया जाएगा। वहीं इस सबंध में तैयार होने वाली राष्ट्रीय कार्य योजना में अधिक से अधिक क्षेत्रीय सलाहों और सुझावों को शामिल किया जाएगा।
यह बातें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहीं। उन्होंने कहा कि बंजर जमीन के खिलाफ वैश्विक दिवस इस बार शनिवार को हरियाणा के गुरुग्राम में भोंडसी गांव में बन रहे स्वर्ण जयंती नेचर कैंप में मनाया जाएगा।
डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि लोगों को बेहतर और सेहतमंद जमीन देने के साथ एक बेहतर जिंदगी देने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। बंजर होती जमीनों के कारण तेजी से हो रहे पलायन को भी रोका जा सकेगा।
उन्होंने कहा कि मिट्टी की सेहत के लिए जारी किया गया कार्ड इसी दिशा में लिया गया एक प्रभावी कदम है। इसके जरिए किसानों को उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। बीते तीन वर्षों में इस योजना के लिए 840.52 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
पिछले कुछ वर्षों में मिट्टी पर शोध के लिए यह 30 गुना ज्यादा बजट है। वहीं विभिन्न प्रदूषण के कारण मिट्टी की उर्वरता पर पडने वाले दुष्प्रभावों को भी रोका जा रहा है। वहीं बंजर जमीन का इलाज करने के लिए अहमदाबाद स्थित इसरो समेत 10 अन्य स्थानों के जरिए रिमोट सेंसिंग से आंकड़े व तथ्य जुटाए जा रहे हैं।