भारत निर्वाचन आयोग आम आदमी पार्टी (AAP) को राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता दे दी है। इसके अलावा चुनाव आयोग ने CPI, TMC और NCP को राष्ट्रीय दलों के रूप में अमान्य करार दे दिया है।
चुनाव आयोग (फाइल फोटो)
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पहले समझिए कि राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा किसे मिलता है?
देश में फिलहाल तीन तरह की पार्टियां हैं। राष्ट्रीय, राज्य स्तरीय और क्षेत्रीय पार्टियां। चार अप्रैल 2023 से पहले भारत में सात राष्ट्रीय पार्टियां थीं, जबकि राज्य स्तरीय दल 35 और क्षेत्रीय दलों की संख्या करीब साढ़े तीन सौ थी। किसी दल को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा पाने के लिए तीन शर्तें तय है। जिनमें कम के कम एक शर्त पूरा करने पर किसी पार्टी को राष्ट्रीय होने का दर्जा मिल जाता है।
चुनाव
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राष्ट्रीय पार्टी बनने की शर्तें क्या है?
- कोई पार्टी तीन राज्यों के लोकसभा चुनाव में 2 फीसद सीटें जीते।
- चार लोकसभा सीटों के अलावा कोई पार्टी लोकसभा में छह फीसदी वोट हासिल करे या विधानसभा चुनावों में कम से कम चार या इससे अधिक राज्यों में छह फीसदी वोट जुटाए।
- कोई पार्टी चार या इससे अधिक राज्यों में क्षेत्रीय पार्टी के रूप में मान्यता रखे।
- इन शर्तों में जो पार्टी एक भी शर्त पूरा करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है।
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राष्ट्रीय पार्टी के रूप में मान्यता प्राप्त होने के लाभ क्या?
- एक राष्ट्रीय दल के रूप में मान्यता प्राप्त होने का लाभ चुनाव पार्टी को आरक्षित चुनाव चिन्ह के रूप में मिलता है।
- नामांकन दाखिल करने के लिए उम्मीदवारों के प्रस्तावकों की संख्या बढ़ सकती है।
- राष्ट्रीय मीडिया पर फ्री एयरटाइम मिल जाता है।
Bjp flag, congress flag
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अभी कितने राष्ट्रीय दल हैं?
1. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा)
2. कांग्रेस
3. बहुजन समाज पार्टी (बीएसपी)
4. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी)
5. नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP)
6. आम आदमी पार्टी (AAP)
राज्यस्तरीय दलों को मान्यता के लिए 6% वोट पाना जरूरी
राज्यस्तरीय दल की मान्यता के लिए किसी पंजीकृत पार्टी को विधानसभा चुनाव में कुल वैध मतदान में से कम से कम छह फीसदी वोट और कम से कम दो सीटें जीतना जरूरी है। इसके अलावा लोकसभा चुनाव में पार्टी को यदि छह फीसदी वोट और एक सीट मिले तब भी वह राज्यस्तरीय दल बन सकती है।
विधानसभा में कम से कम तीन फीसदी सीटें या कम से कम तीन सीटें, जो भी अधिक हो, जीते तो उसे राज्यस्तरीय दल की मान्यता मिल सकती है। यदि किसी लोकसभा या विधानसभा चुनाव में पार्टी को कोई सीट न मिले लेकिन वोट प्रतिशत 8 फीसदी या अधिक हो तब भी वह राज्यस्तरीय दल हो सकती है।