फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘पेपर चुनिए, हरियाली चुनिए’: नेशनल पेपर डे पर उद्योग जगत ने दिया संदेश, प्लास्टिक पर जेन जी से क्या अपील की?

Sat, 01 Aug 2026 06:03 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के भारत मंडपम में नेशनल पेपर डे के अवसर पर कागज उद्योग से जुड़े प्रमुख उद्योगपतियों और संगठनों ने हिस्सा लिया। इसमें उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के रूप में पेपर को बढ़ावा देने का संदेश दिया। आइए, विस्तार से जानते हैं कार्यक्रम में पेपर से जुड़ी कौन-कौन सी महत्वपूर्ण बातें कही गईं।
 
विज्ञापन
पेपर उद्योग ने दिया हरित भविष्य का मंत्र - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के भारत मंडपम में नेशनल पेपर डे के अवसर पर फेडरेशन ऑफ पेपर ट्रेडर्स एसोसिएशन (एफपीटीए) ने विशेष कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम में कागज उद्योग से जुड़े बड़े उद्योगपति, कारोबारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य संदेश था कि पेपर सिर्फ एक उत्पाद नहीं, बल्कि पर्यावरण, शिक्षा, रोजगार और टिकाऊ विकास का मजबूत आधार है। वक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक पेपर आधारित उत्पाद अपनाने और सिंगल यूज प्लास्टिक से दूरी बनाने की अपील की।
विज्ञापन


पेपर को पर्यावरण का सबसे मजबूत साथी क्यों बताया गया?

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ताओं द्वारा इस्तेमाल किया गया पेपर दोबारा इकट्ठा किया जाता है, ये दोबारा भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसी वजह से पेपर दुनिया की सबसे अधिक रीसायकल होने वाली सामग्रियों में शामिल है। उन्होंने कहा कि पेपर बैग, फोल्डिंग कार्टन और अन्य पेपर आधारित पैकेजिंग तेजी से दूसरे विकल्पों की जगह ले रहे हैं। ई-वेस्ट से जुड़ी चुनौतियों से निपटने में भी पेपर आधारित पैकेजिंग अहम भूमिका निभा रही है। हालांकि, उद्योग के सामने चुनौती यह है कि पेपर आधारित उत्पाद बेहतर गुणवत्ता के साथ प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध कराए जाएं।

पेपर उद्योग खेती, रोजगार और हरियाली से कैसे जुड़ा है?

वक्ताओं ने कहा कि पेपर का जिम्मेदारी से इस्तेमाल सीधे पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा है। पेपर उद्योग भारत के किसानों से जुड़ा हुआ है, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार पैदा करता है और बड़े स्तर पर वृक्षारोपण को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि पेपर आज भी शिक्षा, साक्षरता, संचार और आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण माध्यम है। उद्योग से जुड़े लोगों, डीलरों और कर्मचारियों से अपील की गई कि वे पेपर उद्योग के बारे में फैली गलत धारणाओं को दूर करें और लोगों तक सही जानकारी पहुंचाएं। उनके अनुसार, पेपर चुनना वास्तव में हरित और स्वच्छ भविष्य चुनना है।

पवन अग्रवाल ने पेपर को लेकर कौन-कौन से बड़े तथ्य बताए?

नैनी पेपर के मैनेजिंग डायरेक्टर पवन अग्रवाल ने कहा कि नेशनल पेपर डे का उद्देश्य लोगों को यह समझाना है कि पेपर पर्यावरण के लिए नुकसान नहीं, बल्कि समाधान है। उन्होंने कहा कि आज पेपर उद्योग में इस्तेमाल होने वाली 95 प्रतिशत से अधिक लकड़ी किसानों के खेतों में उगाई जाती है, इसलिए पेपर के इस्तेमाल को लेकर किसी तरह का अपराधबोध रखने की जरूरत नहीं है। पहले जहां एक टन पेपर बनाने में 200 से 250 घनमीटर तक ताजा पानी लगता था, वहीं आधुनिक तकनीक के कारण यह खपत काफी कम हो गई है। पेपर उद्योग सीधे पांच लाख से अधिक लोगों को रोजगार देता है और 20 लाख से ज्यादा परिवारों की आजीविका इससे जुड़ी है।

जेन जी और जेन अल्फा से क्या अपील की?

पवन अग्रवाल ने कहा कि आज प्लास्टिक का सबसे बड़ा विकल्प पेपर ही है, लेकिन सिंगल यूज प्लास्टिक पर बने नियमों का कड़ाई से पालन होना जरूरी है। उन्होंने विशेष रूप से जेन जी, जेन अल्फा और युवाओं से अपील की कि वे स्वेच्छा से सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करें। उन्होंने कहा कि पेपर ऐसा उत्पाद है जिसके कच्चे माल से लेकर तैयार उत्पाद तक सब कुछ बायोडिग्रेडेबल, कम्पोस्टेबल और कई बार रीसायकल किया जा सकता है। यही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।

उद्योग ने भविष्य के लिए क्या लक्ष्य तय किया?

कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि भारतीय पेपर उद्योग केवल कागज नहीं बना रहा, बल्कि टिकाऊ विकास और जिम्मेदार उपभोग का मॉडल तैयार कर रहा है। उन्होंने कहा कि उद्योग को तकनीक, नवाचार और गुणवत्ता पर लगातार काम करना होगा ताकि पेपर हर क्षेत्र में दूसरे विकल्पों की जगह ले सके। वक्ताओं ने विश्वास जताया कि सरकार, उद्योग और उपभोक्ताओं के संयुक्त प्रयास से पेपर आधारित उत्पादों का इस्तेमाल बढ़ेगा और इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण रोजगार को भी मजबूती मिलेगी।

कार्यक्रम में कौन-कौन रहे मौजूद?

कार्यक्रम में दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी मुख्य अतिथि रहे। इस दौरान बिहार के खगड़िया से सांसद राजेश वर्मा जी भी मौजूद रहे ।जेके पेपर लिमिटेड के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हर्ष पति सिंघानिया, विभिन्न पेपर उद्योग संगठनों के पदाधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान पेपर उद्योग में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण, सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ विकास पर विशेष चर्चा की गई।

कार्यक्रम में क्या बोले मुख्य अतिथि रामवीर सिंह बिधूड़ी?

नेशनल पेपर डे कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और दक्षिण दिल्ली से सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए पेपर उद्योग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। उन्होंने पेपर उद्योग से जुड़े सभी कारोबारियों, निर्माताओं और व्यापारियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सिंगल यूज प्लास्टिक के विकल्प के रूप में पेपर आधारित उत्पादों को बढ़ावा देना समय की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से पर्यावरण के अनुकूल उत्पाद अपनाने और हरित भविष्य के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने इस दौरान सांसद प्रवीण खंडेलवाल की भी तारीफ की और उनकी ओर से सभी को धन्यावाद भी किया। 

कार्यक्रम में क्या बोले सांसद राजेश वर्मा?

बिहार के खगड़िया से सांसद राजेश वर्मा ने कहा कि विकसित भारत का लक्ष्य केवल सरकार के प्रयासों से हासिल नहीं होगा, बल्कि देश के हर नागरिक और हर उद्योग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। जिस तरह किसी घर को साफ रखने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का सहयोग जरूरी होता है, उसी तरह वर्ष 2047 तक विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रत्येक नागरिक की भागीदारी आवश्यक है। उन्होंने आर्थिक मजबूती को विकसित भारत की सबसे बड़ी नींव बताते हुए कहा कि व्यापार और उद्योग देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें