राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को एक विशेष अदालत में मुस्लिम युवाओं को बरगला कर कट्टरपंथी बनाने और आईएसआईएस में शामिल करने के आरोप में तीन आरोपियों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। तीनों आरोपी आईएसआईएस से जुड़े हुए थे और 'कुरान सर्कल' समूह के माध्यम से भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस में भर्ती करने का काम करते थे।
आतंकवाद निरोधी एजेंसी ने बेंगलुरु की एक विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया। इस चार्जशीट में मोहम्मद तौकीर महमूद, जोहैब मन्ना और मोहम्मद शिहाब के नाम हैं। इन पर आईपीसी की तमाम धाराओं के साथ ही गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
एजेंसी ने 19 सितंबर, 2020 को इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रांत मामले में डॉ अब्दुर रहमान की जांच के बाद मामला दर्ज किया था। इसके कारण आईएसआईएस मॉड्यूल का खुलासा हुआ, जिसमें मुस्लिम युवाओं की यात्राओं को कट्टरपंथी बनाने और फंडिंग के लिए जिम्मेदार विभिन्न व्यक्तियों के नाम थे। ये बेंगलुरू और कर्नाटक से आईएसआईएस के इलाके जैसे सीरिया के लिए मुस्लिम युवाओं के भेजने का काम करते थे।एनआईए ने इससे पहले इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
एनआईए ने कहा कि मामले की जांच से पता चला है कि आरोपी मुहम्मद तौकीर महमूद और जोहैब मन्ना 'कुरान सर्कल' समूह के माध्यम से भोले-भाले मुस्लिम युवाओं को आईएसआईएस में भर्ती कराकर चरमपंथी गतिविधियां कराते थे।
एजेंसी ने बताया कि आईएसआईएस के तीनों आरोपियों ने बरगला कर मुस्लिम युवाओं को सीरिया भेजने के लिए धन का भी इंतजाम भी किया था। आरोपी मुहम्मद तौकीर महमूद और मोहम्मद शिहाब इससे पहले आईएसआईएस आतंकवादियों के साथ संबंध स्थापित करने के लिए अवैध रूप से सीरिया भी गए थे।