इस साल का राष्ट्रीय बहादुरी अवार्ड जीतने वाली जेन सदावर्ते ने आरोप लगाया है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के एक कार्यक्रम के दौरान अपमान का सामना करना पड़ा। सदावर्ते ने कहा, मैं उन मुद्दों के बारे में बात कर रही थी जो भारत में गलत हो रहे हैं जैसे कि शनिवार और रविवार को बच्चों को मध्याह्न भोजन नहीं दिया जा रहा है।
सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली 12 वर्षीय सदावर्ते ने कहा, 'लेकिन मैं नहीं जानती कि मंच पर मौजूद सम्मानित शिवसेना नेताओं को क्या हुआ, उन्होंने मुझे अपमानित करना क्यों शुरू कर दिया और मुझसे कहा कि अगर मैं भारत में रहना चाहती हूं तो मुझे मराठी सीखनी पड़ेगी।' सदावर्ते को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीरता पुरस्कार से सम्मानित कर चुके हैं।