मंगल ग्रह पर जीवन की हल्की सी गंध पाने के लिए नासा के वैज्ञानिक एक ‘कृत्रिम नाक’ (मैकेनिकल नोज) बनाने की दिशा में कदम बढ़ा चुके हैं। यह नाक प्राणियों की नाक से अलग होगी जिसमें गंध महसूस करने वाले लेजर सेंसर लगे होंगे।
नासा ने घोषणा की है कि वह भविष्य में मंगल अभियान के लिए ऐसा सेंसर बनाएगा जो फिलहाल अमेरिकी सैन्य तकनीकी पर आधारित होगा। यह कृत्रिम नाक जीवित प्राणियों की तरह प्रत्यक्ष रूप से किसी गंध की पुष्टि नहीं करेगी बल्कि यह मशीन बायोलॉजी से संबंधित एमिनो एसिड और अन्य ऑर्गेनिक मोलेक्यूल का पता लगाने में सक्षम होंगे।
नासा इस कृत्रिम नाक रूपी मशीन को मार्स रोवर पर लगाएगा, ताकि लाल ग्रह की सही ढंग से टोह ली जा सके। इस उपकरण को लगाने के लिए सक्रिय राडार के साथ लाइडर की जरूरत पड़ेगी। यह राडार रेडियो वेव प्रोड्यूस करेगी, जिससे मशीन सक्रिय रहेगी। यह कृत्रिम नाक अपने लक्ष्य से प्राप्त सिग्नल वैज्ञानिकों को भेजेगी।