प्राकृतिक आपदाओं के लिहाज से दुनिया के लिए आने वाला समय अच्छा नहीं है। नासा की समुद्र स्तर में परिवर्तन विज्ञान टीम ने एक गहन विश्लेषण के बाद बताया है कि इन सर्दियों में एक शक्तिशाली अल नीनो का विकास हो रहा है। इस वजह से दुनिया के कई देशों, खासकर अमेरिका के पश्चिमी तटों और यूरोप के कुछ के शहरों में ज्वार की वजह से आने वाली बाढ़ में भारी वृद्धि आएगी। यह स्थिति इतनी भयावह होगी जो सड़कों को दलदल में बदल देगी और निचले इलाकों को जलमग्न कर देगी।
अल नीनो इस वर्ष अभी और विकसित हो रहा है। इसकी वजह से यूरोप के कुछ हिस्सों और अमेरिका के दक्षिण-पश्चिम में सामान्य से अधिक बारिश तथा इंडोनेशिया जैसे पश्चिमी प्रशांत क्षेत्र के देशों में सूखा पड़ सकता है।
पेरू में दिख रहा असर
नासा के मुताबिक, इक्वाडोर में ला लिबर्टाड और बाल्ट्रा जैसी जगहों पर आने वाली सर्दियों में पिछले 10 साल की तुलना में बाढ़ के तीन गुना अधिक बार आने की आशंका है। इस प्रकार की बाढ़ आमतौर पर अल नीनो वर्षों के दौरान भी अमेरिका के पश्चिमी तटों पर नहीं आती है। इक्वाडोर और उत्तरी पेरू में वर्षा में भारी वृद्धि हुई है, जो तटीय बाढ़ और कटाव में योगदान दे रही है। बारिश और बाढ़ से घर, स्कूल, अस्पताल और व्यवसाय नष्ट हो रहे हैं। ये परिवहन को भी सीमित कर रहे हैं और फसलों को नष्ट कर रहे हैं।
कई कारण शामिल
नासा के शोधकर्ताओं के मुताबिक, 2030 के दशक तक बढ़ते समुद्र और जलवायु परिवर्तन के कारण दुनियाभर के कई शहरों को सालाना 10 साल के बराबर जितनी संख्या में बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है।
हवाई विश्वविद्यालय के समुद्र विज्ञानी और नासा की समुद्र स्तर परिवर्तन विज्ञान टीम के सदस्य फिल थॉम्पसन ने कहा कि यह सचमुच आश्चर्यजनक है कि 10 साल की घटनाएं इतनी जल्दी आम हो सकती हैं। किसी विशेष शहर या समुदाय में बाढ़ की सीमा कई कारणों पर निर्भर करती है, जिसमें क्षेत्र की स्थलाकृति और समुद्र के सापेक्ष घरों और बुनियादी ढांचे का स्थान शामिल है।
2050 तक स्थिति और खराब
वैज्ञानिकों के अनुसार, विश्लेषण के बाद स्थिति की भयावहता का अंदाज इस बात से लगाया जा सकता है कि 2050 के दशक तक शक्तिशाली अल नीनो के कारण किसी भी वर्ष में इन घटनाओं की 40 से अधिक हो सकती हैं। ऐसी स्थिति में होने वाले विनाश की कल्पना मात्र सिहरन पैदा करने वाली है।