pm modi, arvind kejriwal, narendra modi
- फोटो : gettyimages
अटल बिहारी वाजपेयी के बाद नरेंद्र मोदी दूसरे प्रधानमंत्री होंगे जो पद पर रहते हुए गोरक्षनाथ मंदिर में हाजिरी लगाएंगे। इसके अलावा पूर्व राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद एवं सर्वपल्ली डॉ. राधा कृष्णन, उप राष्ट्रपति वीवी गिरी और कार्यवाहक प्रधानमंत्री रहे गुलजारी लाल नंदा पद पर रहने के दौरान मंदिर में माथा टेक चुके हैं।
गोरखनाथ मंदिर नाथ संप्रदाय की प्रमुख शक्ति पीठ के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। 2014 के लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान नरेंद्र मोदी जब गोरखपुर आए तो बाबा के दरबार में सिर झुकाना नहीं भूले। अब 22 जुलाई को यहां खाद कारखाना और एम्स का शिलान्यास करने के दौरान भी वह मंदिर जाएंगे। तत्कालीन उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी सहित देश की कई सियासी हस्तियां भी मंदिर में हाजिरी लगा चुके हैं। इनमें से कई ऐसे हैं जो वैचारिक रूप से गोरक्ष पीठाधीश्वरों का विरोध करते रहे हैं।
उनमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद रेल मंत्री रहने के दौरान राबड़ी देवी तथा बेटों के साथ यहां आए थे और घंटों घूमकर मंदिर में एक -एक स्थान को देखा था। यहां से विदा होते समय उन्होंने पीठाधीश्वर महंत अवेद्यनाथ से बेटों को आशीर्वाद देने को कहा था। इसके अलावा प्रकाश सिंह बादल, शिवराज सिंह चौहान, चंद्रभान गुप्त, कल्याण सिंह, बीर बहादुर सिंह भी मुख्यमंत्री रहते मंदिर आए थे। राज्यपाल जीडी तपासे, विष्णुकांत शास्त्री, केंद्रीय गृहमंत्री बूटा सिंह सहित कांग्रेस के कई दिग्गज नेता भी यहां पर आ चुके हैं। इसके अलावा नेपाल नरेश वीरेंद्र विक्रम शाह भी यहां हाजिरी लगाने आए थे।