प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन सभी बड़ेबोले लोगों को चुप रहने की हिदायत दी है जिनके बयानों की वजह से भाजपा शर्मिंदा हुई है। इसमें कठुआ गैंगरेप और हत्या में पाकिस्तान का हाथ बताने वाले और महाभारत काल में इंटरनेट के सबूत होने की बात कहने वाले पार्टी के नेताओं ने मीडिया को मसाला मुहैया करवाया है। रविवार को नमो ऐप के जरिए पीएम ने पार्टी के सांसदों और विधायकों के साथ बातचीत की।
इस बातचीत में पीएम ने कहा कि हम अमूमन कहते हैं कि मीडिया ने ऐसा किया और वैसा किया। यह मीडिया की गलती नहीं है। कई बार हमारी गलतियों की वजह से मीडिया को मसाला मिलता है। जैसे ही हमें कोई कैमरामैन दिखता है हम बोलना शुरू कर देते हैं। उसके बाद आधे या अधूरे वाक्य का उपयोग किया जाता है। हमें संयम प्रदर्शित करना चाहिए। उन लोगों को जो बोलना है उन्हें बोलने दीजिए।
मोदी ने बातचीत के दौरान इस बात पर जोर दिया कि बिना सोचे समझे दिए बयान की वजह से पार्टी को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि यदि हर कोई बोलना शुरू कर देगा तो इससे मुद्दे भटक जाएंगे। इससे ना केवल देश को बल्कि पार्टी को भी नुकसान पहुंचेगा। उन्होंने आगे कहा कि 2014 के दौरान 8-10 सांसद ऐसे थे जिन्हें बहुत ज्यादा बोलने की आदत थी।
मोदी ने बताया कि मैंने उन विधायकों से बात की जो बहुत ज्यादा बयानबाजी करते थे लेकिन पिछले तीन सालों में मैंने देखा है कि उन्होंने कोई बयानबाजी नहीं की है। यह चेतावनी उस समय आई है जब कर्नाटक चुनाव नजदीक हैं और कांग्रेस ने भाजपा की आलोचना करनी शुरू कर दी है।