हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। जहां जनवरी में हमारे पास कोरोना की जांच के लिए सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैबों में टेस्टिंग का काम हो रहा है। भारत में आज हम एक लाख से अधिक बिस्तरों की व्यवस्था कर चुके हैं। इतना ही नहीं 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं जो सिर्फ कोविड-19 के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इन सुविधाओं को और तेजी से बढ़ाया जा रहा है।
सरकार कल जारी करेगी विस्तृत गाइडलाइन
न खुद कोई लापरवाही करनी है और न ही किसी और को लापरवाही करने देना है। कल इस बारे में सरकार की तरफ से एक विस्तृत दिशा-निर्देश (गाइडलाइन) जारी की जाएगी। नए दिशा-निर्देश बनाते समय किसानों के हितों का पूरा ध्यान रखा गया है।
कोरोना से लड़ाई में कठोरता ज्यादा बढ़ाई जाएगी
अगले एक सप्ताह में कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। 20 अप्रैल तक हर कस्बे, हर थाने, हर जिले और हर राज्य को परखा जाएगा। देखा जाएगा कि वहां लॉकडाउन का कितना पालन हो रहा है और उस क्षेत्र ने कोरोना से खुद को कितना बचाया है। जो क्षेत्र इस अग्निपरीक्षा में सफल होंगे और जो हॉटस्पॉट में नहीं होंगे, वहां पर 20 अप्रैल से कुछ जरूरी गतिविधियों की अनुमति दी जा सकती है।
मेरी सभी देशवासियों से ये प्रार्थना है कि अब कोरोना को हमें किसी भी कीमत पर नए क्षेत्रों में फैलने नहीं देना है। स्थानीय स्तर पर अब एक भी मरीज बढ़ता है तो ये हमारे लिए चिंता का विषय होना चाहिए। इसलिए हमें हॉटस्पॉट को लेकर बहुत ज्यादा सतर्कता बरतनी होगी। जिन स्थानों के हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका है उसपर भी हमें कड़ी नजर रखनी होगी।
भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया
जब हमारे यहां कोरोना के सिर्फ 550 मामले थे तभी भारत ने 21 दिनों के संपूर्ण लॉकडाउन का एक बड़ा कदम उठा लिया था। भारत ने समस्या बढ़ने का इंतजार नहीं किया बल्कि जैसे ही समस्या दिखी तेजी से फैसले लेकर उसी समय रोकने का प्रयास किया।
कोरोना के नुकसान को काफी हद तक संभालने में कामयाब
देशवासियों की वजह से हम कोरोना वायरस के नुकसान को काफी हद तक संभालने में कामयाब रहे हैं। आप लोगों ने कष्ट सहकर भी देश को बचाया है। मैं जानता हूं आपको काफी परेशानियां उठानी पड़ी हैं लेकिन आप देश की खातिर अनुशासित सिपाही की तरह अपना कर्तव्य निभा रहे हैं।