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जगी उम्मीद: तापमान, सूखे से फसलों को बचाएंगे नैनो पार्टिकल

Sat, 30 Apr 2016 08:36 AM IST
अविनाशी श्रीवास्तव/ अमर उजाला,इलाहाबाद

सार

  •  लहसुन, गेहूं आदि फसलों पर प्रारंभिक रिसर्च के उत्साहजनक परिणाम
  • शोध को बार्क की मान्यता, पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुनी गई विवि टीम
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- फोटो : Getty Images
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विस्तार
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अबकी देश के 20 राज्य सूखे की चपेट में हैं। इनमें सबसे अधिक चिंताजनक स्थिति उत्तर प्रदेश की है। यहां गेहूं की फसल बुरी तरह से प्रभावित हुई है। सूखे से पहले बेमौसम बारिश से धान की फसल बर्बाद हुई थी। मौसम के इस खतरनाक रूप ने कृषि वैज्ञानिकों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। इन समस्याओं के बीच नैनो तकनीकी को बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की ओर से जारी शोध की प्रारंभिक रिपोर्ट में इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं।
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अधिक और निम्न तापमान, कम पानी आदि पहलुओं को ध्यान में रखकर हुए शोध के सकारात्मक परिणाम से इन उम्मीदों को और बल मिला है। इन परिस्थितियों में अलग-अलग नैनो पार्टिकल के पौधों की ग्रोथ में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। भाभा एटामिक रिसर्च सेंटर (बार्क) ने भी इस रिपोर्ट को मान्यता दी है। बार्क के राजा रमन्ना सेंटर फॉर एडवांस्ड टेक्नोलॉजी-इंदौर (आरआरसीएटी) की ओर से विश्वविद्यालय को इस क्षेत्र में शोध के लिए पायलट प्रोजेक्ट दिया गया है।

ग्लोबल वार्मिंग की वजह से पूरा मौसम चक्र बदल गया है। कहीं अत्यधिक बारिश तो कहीं सूखा। इसका सबसे अधिक नुकसान फसलों को हो रहा है। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के वैज्ञानिकों ने नैनो मैटेरियल के उपयोग से इस समस्या के निदान की उम्मीद जगाई है। डॉ.कैलाशनाथ उत्तम के निर्देशन में श्वेता शर्मा, अभिसारिका भारती और निधि शुक्ला की टीम ने अलग-अलग फसलों पर टाइटेनियम ऑक्साइड, कॉर्बन ऑक्साइड आदि नैनो मैटेरियल का उपयोग किया।
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टाइटेनियम ऑक्साइड का लहसुन पर बहुत अच्छा रिजल्ट भी देखने को मिला। हर पहलू से इसका पौधे पर लाभ दिखा। इसी तरह से गेहूं पर कॉर्बन के ऑक्साइड का काफी उत्साहजनक परिणाम मिला है। नैनो मैटेरियल के पौधों पर कई अन्य प्रयोग के रिजल्ट भी उत्साहजनक रहे हैं। बार्क के कांफ्रेंस में इन रिसर्च को मान्यता दी गई है। साथ ही आरआरसीएटी ने इस पर एडवांस्ड रिसर्च के लिए विश्वविद्यालय को पायलट प्रोजेक्ट दिया है। यह टीम आरआरसीएटी के लैब का उपयोग कर सकेगी। इसके अलावा सेंटर आने-जाने की छूट भी है।
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