पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को आरोप लगाया कि नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान 'चार-पांच लोगों' द्वारा कथित रूप से धक्का दिए जाने की वजह से उनके एक पैर में चोट लगी है। घटना शाम सवा छह बजे उस वक्त घटी जब बनर्जी रियापारा इलाके में एक मंदिर में प्रार्थना के बाद बिरूलिया जाने वाली थीं।
उन्होंने कहा कि मैं अपनी कार के बाहर खड़ी थी जिसका दरवाजा खुला था। मैं वहां से मंदिर में प्रार्थना कर रही थी। कुछ लोग मेरी कार के पास आए और दरवाजे को धक्का दिया। कार का दरवाजा मेरे पैर में लग गया। बनर्जी ने आरोप लगाया कि जब वह कार में सवार हो रही थीं तो चार-पांच लोगों ने उन्हें धक्का दिया।
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि चोट लगने की वजह से उनके पैर में सूजन आ गई और उन्हें बुखार जैसा लग रहा है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि घटना के समय मौके पर कोई स्थानीय पुलिस कर्मी मौजूद नहीं था। बनर्जी को दर्द होने के कारण उनके सुरक्षाकर्मी एसयूवी की आगे की सीट से पीछे की सीट पर ले गए। जिस पैर में सूजन आई थी उस पर एक सफेद कपड़ा भी लपेटा हुआ दिखा।
नंदीग्राम में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को लगी चोट के दौरान मौके पर मौजूद सुमन नामक छात्र ने कहा कि उनको (ममता बनर्जी) देखने के लिए जनता इकट्ठा हो गई। उन्हें देखने के लिए लोग घेरकर खड़े हो गए। उसी समय उन्हें गर्दन और पैर पर चोट लग गई, धक्का तो नहीं दिया, गाड़ी धीरे-धीरे चल रही थी।
प्रत्यक्षदर्शी चितरंजन दास ने कही ये बात
नंदीग्राम के बिरुलिया में मौजूद प्रत्यक्षदर्शी चितरंजन दास ने कहा कि मैं वहां था, वह (सीएम) अपनी कार के अंदर बैठी थीं, लेकिन दरवाजा खुला था। दरवाजा एक पोस्टर को छूने के बाद बंद हो गया। किसी ने धक्का नहीं दिया और न ही छुआ.. दरवाजे के पास कोई नहीं था।
इस घटना के बाद सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि मुख्यमंत्री को जेड-प्लस स्तर की सुरक्षा प्राप्त है। बनर्जी रात में नंदीग्राम में रुकने वाली थीं लेकिन घटना के बाद उन्हें कोलकाता ले जाया गया। पूर्वी मेदिनीपुर जिले में नंदीग्राम से कोलकाता ले जाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर भी बनाया गया। इलाज के लिए उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया है।
बनर्जी पिछले दो दिन से पूर्व मेदिनीपुर जिले में प्रचार कर रही थीं। उन्होंने बुधवार को ही हल्दिया में नामांकन पत्र दाखिल किया था। तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने दावा किया कि हमला एक सोची समझी साजिश है जिसका मकसद मुख्यमंत्री को चुनाव प्रचार से दूर रखना है।
तृणमूल कांग्रेस के नेता सुब्रत मुखर्जी ने कहा कि कई लोग चाहते हैं कि वह (बनर्जी) प्रचार नहीं करें। वे उन्हें रास्ते से हटाना चाहते हैं। यही कारण है कि गुंडों ने उन पर हमला किया। लोग मुंहतोड़ जवाब देंगे। नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को मुकाबले में उतारा है। अधिकारी पहले तृणमूल कांग्रेस में थे।
भाजपा ने आरोप लगाया कि बनर्जी 'सामान्य घटना' को 'सुनियोजित साजिश' बताने का प्रयास कर रही हैं। भाजपा ने मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि वह दुर्घटना की शिकार हुई हों लेकिन यह दावा कि उनको साजिशन धक्का दिया गया, यह स्वीकार्य नहीं है। उनके साथ हर वक्त कई सारे सुरक्षाकर्मी रहते हैं। उन्होंने कहा कि सहानुभूति हासिल करने के लिए इस तरह के हथकंडे काम नहीं आएंगे। मुझे लगता है कि मामले की सीबीआई से जांच करानी चाहिए।
तरकीब काम नहीं आएगी: कांग्रेस
इधर, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि सहानुभूति हासिल करने की इस तरह की तरकीब इस बार काम नहीं आएगी। उन्होंने कहा कि बनर्जी राज्य की पुलिस मंत्री हैं और अगर वह सुरक्षित नहीं हैं तो उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। नंदीग्राम से माकपा उम्मीदवार मीनाक्षी मुखर्जी ने मुख्यमंत्री के जल्द ठीक होने की कामना की लेकिन कहा कि लोग इस बार बेवकूफ नहीं बनेंगे।
चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम निर्वाचन क्षेत्र में बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर कथित हमले के संबंध में राज्य पुलिस से एक रिपोर्ट मांगी है। एक अधिकारी ने इस बारे में बताया। नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान रायपारा में मंदिर के पास अज्ञात लोगों द्वारा धक्का दिए जाने के बाद मुख्यमंत्री के पैर में चोट लगी है। नंदीग्राम में बनर्जी के मुकाबले भाजपा ने शुभेंदु अधिकारी को उतारा है।
राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि हमने राज्य प्रशासन से एक रिपोर्ट मांगी है। रिपोर्ट तुरंत भेजनी होगी। बनर्जी ने आरोप लगाया कि चार-पांच लोगों ने जब उन्हें धक्का दिया उस समय स्थानीय पुलिसकर्मी उनके पास नहीं थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि घटना में उनके पैर में चोट लगी है।