नेहरू मेमोरियल म्यूजियम अब प्रधानमंत्री संग्रहालय के नाम से जाना जाएगा। इसी तरह हाल ही में इंडिया गेट पर अमर जवान ज्योति की जगह केंद्र सरकार ने सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा लगाने का फैसला लिया। होलोग्राम युक्त एक प्रतिमा 23 जनवरी को लग भी चुकी है। ये दो नाम ही नहीं, ऐसे करीब 10 से भी ज्यादा प्रतीक, सरकारी योजनाएं और पुरस्कार हैं, जिनके नाम 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आने के बाद बदले गए हैं। यही नहीं, भाजपा शासित राज्यों में कई जिलों के नाम भी बदल गए हैं।
1. राजीव गांधी खेल रत्न : भारत में खेल जगत में दिया जाने वाला सर्वोच्च पुरस्कार है। छह अगस्त 2021 को इस पुरस्कार का नाम बदलकर कर 'मेजर ध्यानचंद खेल रत्न' कर दिया गया है। राजीव गांधी खेल रत्न का नाम पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के नाम पर रखा गया था।
2. इंदिरा आवास योजना : गरीबों के लिए मुफ्त आवास की योजना है। इसे 2016 में प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया गया।
3. इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना : इंदिरा गांधी मातृत्व सहयोग योजना को एक जनवरी 2017 में बदलकर प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना कर दिया गया। इस योजना में आर्थिक सहायता की रकम जच्चा-बच्चा को पर्याप्त पोषण उपलब्ध कराने के हिसाब से दी जाती है। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना होता है, ताकि वह अपने साथ ही अपने नवजात बच्चे की भी देखभाल कर सकें। मतलब गरीब परिवार की गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को बेहतर स्वास्थ्य और पोषण के लिए नकद प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
4. राजीव ग्रामीण विद्युतीकरण योजना : 23 जुलाई 2015 को इस योजना का नाम बदलकर दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना कर दिया गया। इस योजना को देश के ग्रामीण इलाकों में बिजली की आपूर्ति हो सके इसलिए शुरू किया गया है।
5. राजीव आवास योजना : इस का नाम अब सरदार पटेल राष्ट्रीय शहरी आवास मिशन हो गया है। 2016 में सरकार ने इसे बदल दिया।
6. जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीकरण मिशन : अब इस योजना को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) कायाकल्प- शहरी बदलाव अटल मिशन में बदल दिया गया है।
7. राजीव गांधी पंचायत सशक्तिकरण योजना : अब इस योजना से राजीव गांधी का नाम हटा दिया गया है। इसे केवल पंचायत सशक्तिकरण योजना के नाम से जाना जाएगा।
8. राजीव गांधी फेलोशिप योजना : इससे भी राजीव गांधी का नाम 2016 में हटा दिया गया। अब इसे केवल नेशनल फेलोशिप फॉर स्टूडेंट्स विद डिसैबिलिटीज कर दिया गया है। इसी तरह अनुसूचित जाति के छात्रों को दिए जाने वाली फेलोशिप का नाम राजीव गांधी राष्ट्रीय फेलोशिप योजना से बदलकर नेशनल फेलोशिप फॉर शेड्यूल कास्ट कर दिया गया है। राजीव गांधी खेल अभियान अब खेलो इंडिया हो गया है।
9. इंग्लैंड में चल रहे केंद्र का नाम भी बदला : 2017 में केंद्र सरकार ने इंग्लैंड के ऑक्सफोर्ड यूनिविर्सिटी में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी सेंटर ऑफ संस्टेनेबल डेवलपमेंट का नाम बदलकर ऑक्सफोर्ड इंडिया सेंटर संस्टेनेबल डेवलपमेंट कर दिया है।
10. कई शहरों का नाम बदला जा चुका है: केंद्र सरकार में भाजपा आने के बाद देश के कई राज्यों में राज्य सरकारों ने जिलों के नाम भी बदले हैं। खासतौर पर उन राज्यों ने जहां भाजपा की सरकार है। मसलन इलाहाबाद को प्रयागराज, फैजाबाद को अयोध्या, होशंगाबाद को नर्मदापुरम कर दिया गया है। इसके अलावा कई रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड आदि के नाम भी बदले गए हैं। यहां तक की सड़कों के नाम भी बदले गए हैं।