दंगों से सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान
साइबर विभाग ने कहा कि नागपुर में हुए दंगों के दौरान सार्वजनिक संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है और भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महाराष्ट्र साइबर विभाग उन सभी व्यक्तियों की पहचान करेगा और उन पर मुकदमा चलाएगा जो डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल करके सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।
साइबर विभाग ने लोगों से सोशल मीडिया पर किसी भी जानकारी को साझा करने से पहले सतर्क रहने और बिना जांचे-परखे किसी भी आपत्तिजनक या अप्रमाणित सामग्री को साझा करने से बचने की अपील की है।
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अब तक 69 गिरफ्तारियां
अब तक 69 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें अल्पसंख्यक डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता फहीम खान और विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के आठ कार्यकर्ता शामिल हैं। महाराष्ट्र के गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने बुधवार को कहा कि पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों को गंभीरता से लिया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि हिंसा फैलाने वालों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी।
33 पुलिसकर्मी घायल, महिला पुलिसकर्मी के साथ दुर्व्यवहार
सोमवार रात हुई हिंसा में 33 पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें तीन डीसीपी स्तर के अधिकारी भी शामिल हैं। हिंसा के दौरान दंगाइयों ने वाहनों को नुकसान पहुंचाया, पेट्रोल बम और पत्थर फेंके, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और घरों पर तोड़फोड़ की।
इस हिंसा की प्राथमिक वजह यह बताई जा रही है कि विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ताओं ने छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित मुगल सम्राट औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था, जिसके दौरान कथित रूप से 'चादर' जलाने की अफवाहें फैल गईं, जिससे हिंसा भड़क उठी। एक एफआईआर के अनुसार, हिंसा के दौरान कुछ दंगाइयों ने एक महिला पुलिसकर्मी के साथ बदसलूकी की और उसके कपड़े फाड़ने की कोशिश की।