नागालैंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा,राज्य विधानसभा ने शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने वाला विधेयक पारित कर दिया है।
नागालैंड सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राज्य विधानसभा ने शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने वाला विधेयक पारित कर दिया है। चुनाव प्रक्रिया अगले साल 30 अप्रैल तक खत्म हो जाएगी।
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बता दें नागालैंड विधानसभा ने गुरुवार को सर्वसम्मति से विधेयक पारित किया। दो दशकों के बाद राज्य में नगरपालिका चुनावों का मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य में आखिरी बार निकाय चुनाव 2004 में हुए थे। विधेयक पारित होने के बाद मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने कहा, उच्चतम न्यायालय के निर्देशानुसार महिलाओं के लिए सीटों के एक तिहाई आरक्षण का प्रावधान इसमें शामिल किया गया है।
शीर्ष अदालत पूर्वोत्तर राज्य में शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण की मांग करने वाली पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (पीयूसीएल) और अन्य द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है। शुक्रवार को सुनवाई के दौरान नागालैंड सरकार के वकील ने न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि विधेयक अब पारित हो गया है, इसलिए संबंधित नियम जल्द ही बनाए जाएंगे। हम अप्रैल 2024 तक परिणाम घोषित करेंगे।
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अपने आदेश में पीठ ने कहा कि सरकार के वकील के अनुसार, नियम एक महीने के भीतर तैयार किए जाएंगे और चुनाव प्रक्रिया 30 अप्रैल, 2024 तक समाप्त हो जाएगी। पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर तय की है।
जुलाई में मामले की सुनवाई करते हुए शीर्ष अदालत ने यूएलबी में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण की संवैधानिक योजना को लागू नहीं करने पर केंद्र और नागालैंड सरकार दोनों को फटकार लगाई थी।