पूर्वोत्तर के दो राज्यों मेघालय और नगालैंड के मुख्यमंत्रियों ने मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। नगालैंड में नेफ्यू रियो ने जहां पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, जबकि मेघालय में कोनराड संगमा ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी के साथ ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ ही कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मेघालय में जहां एनपीपी के साथ भाजपा गठबंधन में, वहीं नगालैंड में एनडीपीपी के साथ भाजपा गठबंधन सरकार में है।
मेघालय में प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति में कोनराड संगमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। मेघालय के राज्यपाल फागू चौहान ने शिलांग में आयोजित एक भव्य समारोह में कोनराड संगमा को सोमवार सुबह पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। एनपीपी के साथ भाजपा, यूडीपी, पीडीएफ, एचएसपीडीपी और कुछ निर्दलीयों के समर्थन के बाद मेघालय डेमोक्रेटिक एलायंस दूसरी बार सत्ता में आई है। गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी इस शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहे। कोनराड संगमा के साथ, प्रेस्टोन टाइनसॉन्ग और स्निआवभालंग धर ने राज्य के उपमुख्यमंत्रियों के रूप में शपथ ली। एलेक्जेंडर लालू हेक, डॉ अम्पारीन लिंगदोह, पॉल लिंगदोह और कॉमिंगोन यंबोन ने 12-सदस्यीय नए एनपीपी के नेतृत्व वाले मेघालय मंत्रिमंडल में मंत्रियों के रूप में शपथ ली।
दूसरी ओर, नगालैंड में जबरदस्त जीत के बाद एनडीपीपी और भाजपा की सरकार का शपथग्रहण समारोह कोहिमा के कैपिटल कल्चरल हॉल मंगलवार को आयोजित हुआ। मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने सीएम पद की शपथ ली। इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए पीएम मोदी भी पहुंचे। उन्होंने मंच पर ही रियो को सीएम पद ग्रहण करने की बधाई दी। पीएम के साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
रियो के अलावा तदितुई रंगकाउ जेलियांग और यांथुंगो पैटन ने नगालैंड के डिप्टी सीएम के तौर पर शपथ ली। वहीं, नौ अन्य विधायकों को मंत्रीपद की शपथ दिलाई गई। इनमें जी काइतो आये, जैकब झिमोमी, केजी केन्ये, तेमजेन इम्ना अलोंग और नगालैंड की पहली महिला विधायकों में से एक सालहूतुओनुओ क्रूज ने भी मंत्रीपद की शपथ ली।
नगालैंड में विपक्ष विहीन सरकार
नगालैंड में इस बार विधानसबा में सबसे अधिक राजनीतिक दलों ने चुनाव लड़ा और जीत कर भी आए। इसके बावजूद नगालैंड विपक्ष रहित सरकार की ओर बढ़ रहा है। लगभग सभी दलों ने राष्ट्रवादी लोकतांत्रिक प्रगतिशील पार्टी-भाजपा गठबंधन को बिना शर्त समर्थन दिया है। एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन ने हाल ही में संपन्न नागालैंड चुनावों में 60 सदस्यीय विधानसभा में 37 सीटें जीतीं। चुनाव अभियान शुरू होने के बाद से ही एनडीपीपी और भाजपा दोनों ने 72 वर्षीय रियो को अपने मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार के रूप में पेश किया था।
नगालैंड में मंगलवार को बने दो रिकॉर्ड
इस बार नगालैंड विधानसभा चुनाव में दो रिकॉर्ड बने। पहला रिकॉर्ड बनाया मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो ने बनाया। नगालैंड में पहली बार है कि किसी मुख्यमंत्री ने पांचवीं बार शपथ ली हो। ऐसा करने वाले नगालैंड के मुख्यमंत्री नेफ्यू रियो पहले व्यक्ति बने गए हैं। उन्होंने मंगलवार को जैसे ही मुख्यमंत्री पद और गोपनीयता की शपथ ली, यह रिकॉर्ड इतिहास में दर्ज हो गया।
पहली बार महिला विधायक और मंत्री भी
नगालैंड को राज्य बने करीब 60 वर्ष हो चले हैं, लेकिन आज तक यहां पर कोई महिला विधायक नहीं थी। इस बार एनडीपीपी ने दो महिलाओं को चुनाव मैदान में उतारा था। भाजपा ने एक जबकि कांग्रेस ने एक महिला उम्मीदवार को टिकट दिया था। पहला रिकॉर्ड तो तब बना जब एनडीपीपी की टिकट पर दो महिलाओं दिमापुर-III से सीट से हेकानी जखालु और पश्चिमी अंगामी सीट से एनडीपीपी की उम्मीदवार साल्हौतुओनुओ क्रूस दूसरी महिला उम्मीवार बनकर विधानसभा पहुंचीं। तीसरा, रिकॉर्ड तब बना जब मंगलवार को सालहूतुओनुओ क्रूज ने नगालैंड मंत्रिमंडल में मंत्री पद की शपथ ली।