नगालैंड में विधानसभा चुनाव की तारीख का ऐलान हो चुका है और राज्य में चुनाव सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच नगालैंड के जंगल में असम राइफल्स और नगा विद्रोहियों के बीच मामूली झड़प की खबर है। सेना से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह खबर सामने आई है। खबर के अनुसार, शुक्रवार को नगालैंड के इंतांकी नेशनल पार्क में असम राइफल्स की पेट्रोलिंग टीम और नगा विद्रोही संगठन एनएससीएन (इसाक मुइवा) के जवानों में झड़प हो गई थी। गनीमत रही कि मामला ज्यादा नहीं बढ़ा।
बता दें कि असम राइफल्स की कई टीमें पेट्रोलिंग के लिए निकलीं थी। इन्हीं में से एक टीम जब कैंप वापस लौट रही थी तो शाम चार बजे के करीब इसके जवान इंतांकी नेशनल पार्क में आराम करने के लिए रुक गए। जब असम राइफल्स के जवान आराम कर रहे थे, उसी दौरान एनएससीएन (आईएम) के सदस्य वहां से गुजर रहे थे। जिससे दोनों का आमना-सामना हुआ और दोनों के बीच झड़प हो गई। चूंकि सरकार और एनएससीएन की बीच सीजफायर समझौता है, इसलिए असम राइफल्स की टीम के प्रमुख ने सैनिकों को शांत कराया और कैंप वापस लौट आए। इसकी वजह से दोनों पक्षा का यह विवाद ज्यादा आगे नहीं बढ़ा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, असम राइफल्स के जवान रास्ता भटक गए थे, जिसकी वजह से दोनों पक्ष आमने सामने आ गए थे। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार और नेशनलिस्ट सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम (इसाक-मुइवा) के बीच 2015 में समझौता हुआ था। इस समझौते में तय किया गया था कि दोनों पक्ष आपसी बातचीत से नगा समस्या का हल ढूंढेंगे। 1947 में देश की आजादी के बाद से ही नगालैंड में विद्रोही संगठन उग्रवाद फैला रहे थे। हालांकि 1997 में दोनों पक्षों में करीब 80 राउंड की बातचीत के बाद सीजफायर समझौता हुआ था।
इस बीच भारतीय सेना सूत्रों ने बताया कि गणतंत्र दिवस तक 72-96 घंटे की अलग-अलग अवधि के लिए असम राइफल्स के एकाधिक वर्चस्व वाले गश्ती दल बाहर थे। ऐसे ही एक गश्ती दल ने निर्धारित कार्य को पूरा करने के बाद लौटते समय 27 जनवरी को शाम चार बजे इंटंकी नेशनल पार्क में प्रशासनिक ब्रेक लिया। ब्रेक के दौरान असम राइफल्स के गश्ती दल ने NSCN-IM के कैडरों को एक ही मार्ग पर चलते हुए देखा और दोनों दलों के बीच मामूली टकराव हुआ। असम राइफल्स ने सुनिश्चित किया कि घटना आगे न बढ़ें और असम राइफल के गश्ती नेता ने अपने सैनिकों को हटाने का फैसला लिया।