हमारी आकाशगंगा के बड़े-बड़े तारों में रहस्यमयी कंपन हो रहा है, जिससे उनके आकार में भी बदलाव आ रहा है। यह तारों के किसी अंतरिक्षीय सुनामी की चपेट में आने जैसा है। गाइया (ग्लोबल एस्ट्रोमीट्रिक इंटरफेरोमीटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स) अंतरिक्ष खोज अभियान के नए डेटा से इस चौंकाने वाली घटना का खुलासा हुआ है। यूरोपीयन स्पेस एजेंसी (ईएसए) की तरफ से संचालित गाइया असल में आकाशगंगा का नक्शा बनाने का साझा अंतरराष्ट्रीय प्रसास है।
सोमवार को गाइया का तीसरा डेटा सेट जारी किया गया। इसमें दुनियाभर के अंतरिक्ष विज्ञानियों ने सितारों के अजीब कंपन (स्टारक्वेक) पर गौर किया। ईएसए की गाइया टीम से जुड़े फ्रांस्वां मिन्यार्द कहते हैं, यह डेटा खगोलभौतिकविदों के लिए स्विस आर्मी नाइफ की तरह है।
नए डाटा में कुछ नई जानकारियां हमारे सौर मंडल से जुड़ी हैं, मसलन156,000 क्षुद्रग्रहों की सटीक कक्षा की पहचान की गई है। इसके अलावा अपनी आकाशगंगा से बाहर 29 लाख नई आकाशगंगाओं की जानकारी मिली है।
सितारों का खूबसूरत मिलन
गाइया के सदस्य अलेजेंद्रा रेसियो ब्लांको कहते हैं, गाइया के डेटा की बदौलत ही पता चल पाया कि हमारी आकाशगंगा तरह-तरह के तारों के मिलन की खूबसूरत जगह है।
गाइया के डेटा के बिना सभी तारे एक जैसी टिमटिमाती रोशनीभर हैं, लेकिन डेटा से पता चलता है कि इनमें कितनी विविधता है। यह जानकारी अब आकाशगंगा और अंतरिक्ष के हमारे ज्ञान की बुनियाद बन गई है।
नामुमकिन को होते हुए देखा :
ईएसए ने बताया कि स्टारक्वेक की वजह से दूर के सितारों के आकार को बदलते देखना नए डेटा से निकलने वाली सबसे आश्चर्यजनक खोजों है। क्योंकि, असल में गाइया को स्टारक्वेक जैसी परिघटनाओं के निरीक्षण के लिए नहीं बनाया गया था, लेकिन फिर भी हजारों सितारों के साथ हुई इस रहस्यमयी घटना को गाइया ने दर्ज किया।
एस्ट्रोसीस्मोलॉजी का खजाना खुला :
गाइया के सदस्य कोनी एर्टस कहते हैं, यकीनन, अभी इसके बारे में कोई अंदाजा नहीं है कि यह किस वजह से और क्यों हो रहा है। कम से कम ब्रह्मांड की हमारी मौजूदा समझ के हिसाब से यह सब होना मुमकिन नहीं लगता, लेकिन जो हो रहा है उसे झुठलाया नहीं जा सकता।
2030 में जारी होगा आखिरी डेटासेट :
गाइया से जुड़े वैज्ञानिक ताइमो प्रस्टि कहते हैं, इससे मिल रहे डाटा को 450 से ज्यादा वैज्ञानिक और सॉफ्टवेयर इंजिनीयर विश्लेषित करने में जुटे हैं। हर रोज 70 करोड़ तारों की स्थिति और 15 करोड़ अन्य फोटोमीट्रिक जानकारियां मिलती हैं।