जारकीहोली ने कहा था कि सरकार को किसी बाहरी चीज के बजाय भीतर से खतरा है और इस पतन के लिए उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार एंड कंपनी जिम्मेदारी होगी। जाहिर तौर पर पड़ोसी राज्य में अजित पवार की कार्रवाई के साथ तुलना की जा रही थी।
वहीं, पलटवार करते हुए सिद्धारमैया ने कहा, हमारी सरकार स्थिर है और सिर्फ भाजपा नेता के कहने इसके गिरने की कोई संभावना नहीं है।जारकीहोली ने सोमवार को कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया था कि भाजपा सरकार गिराने के लिए 2019 में ऑपरेशन लोटस में लगी हुई थी।
उन्होंने कांग्रेस के इस आरोप को भी खारिज किया कि जिन लोगों ने 2019 में जद (एस)- कांग्रेस गठबंधन सरकार को गिराया, वे एक बार फिर सक्रिय हैं और सत्तारूढ़ कांग्रेस विधयकों को इससे दूर करने के लिए रिश्वत की पेशकश कर रहे हैं।
उन्होंने दावा किया, भाजपा ने कभी भी ऑपरेशन लोटस के बारे में बात नहीं की। यह उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार की ड्रामा कंपनी है जो इस बारे में बात कर रही है। जारकीहोली पहले कांग्रेस के साथ थे और चार साल पहले गठबंधन सरकार के पतन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।