इस बार ईद रविवार या सोमवार को पड़ने की संभावना है। सामान्य तौर पर ईद के दौरान बाजारों में भीड़-भाड़ बढ़ जाती है। लेकिन इस बार संक्रमण के खतरा को देखते हुए मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखते हुए ईद मनाने की सलाह दी है।
मुस्लिम समुदाय के प्रमुख संगठन जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने कहा है कि सभी मुस्लिम भाइयों को कोरोना संक्रमण को देखते हुए भीड़भाड़ से दूर रहना चाहिए। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए मुस्लिम बहुल इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी।
जमीयत-उलेमा-ए-हिंद के मीडिया विभाग के प्रमुख फजलुर्रहमान ने अमर उजाला को बताया कि मुस्लिम समुदाय ने पूरे रमजान महीने के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया है। प्रमुख नमाजें भी लोगों ने अपने-अपने घरों में अता की हैं।
संगठन के राष्ट्रीय प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने भी अपने घर में रहकर नमाज अता की है। उन्होंने कहा कि, रमजान की तरह सभी मुस्लिम भाइयों को सलाह दी जाती है कि वे अपने घरों में ही रहकर ईद का त्योहार मनाएं।
उन्होंने कहा कि ईद पूरी इंसानियत की भलाई के लिए मनाई जाती है। इसलिए इस बार उन्होंने मुस्लिम समुदाय को सलाह दी है कि वे अपनी ईद की नमाज के दौरान दुनिया को कोरोना से मुक्ति दिलाने के लिए प्रार्थना करें। ईद की नमाज भी भीड़भाड़ से बचकर अता की जाए।
दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता अनिल कुमार ने कहा है कि रमजान का पूरा महीना बेहद शांति और सौहार्द से बीता है। नमाज के दौरान भी लोगों ने स्वयं सावधानी बरती है और सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखा है।
इस बार भी वे समाज के शीर्ष लोगों से मिलकर सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन कराने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि ईद पर सुरक्षा के लिहाज से कई इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे।