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मलेशिया ने दी जाकिर नाईक को शरण, देश में बढ़ रहा इस्लाम का प्रभाव

Thu, 02 Nov 2017 04:02 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला
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zakir naik
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भड़काऊ भाषणों के लिए मशहूर मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाईक को मलेशिया ने अपने यहां शरण दे दी है। कुछ दिन पहले उसे एक मस्जिद से निकलते हुए देखा गया जहां उसके साथ कई लोग मौजूद थे और उसके साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे।
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जाकिर नाईक के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप

जाकिर को मलेशिया में नागरिकता मिलना इस बात का प्रमाण माना जा रहा कि वहां की सरकार कट्टर इस्लाम को बढ़ावा देने की कोशिशों में है। यह काम वहां पीएम नजीब रज्जाक की सरकार आने के बाद शुरू हुआ है।

कहा जाता है कि 2013 में उन्होंने अपनी लोकप्रियता खो दी थी जिसके बाद उन्होंने अपने आपको लोकप्रिय बनाए रखने के लिए मलय-मुस्लिम समुदाय को बढ़ावा देना शुरू कर दिया था। यह सब 2018  में वहां होने वाले चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है।
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वोटबैंक की 'मजबूरी'

जाकिर नाईक
52 साल का जाकिर अपने भाषणों को लेकर चर्चा में रहा है। अपने भाषणों में उसने कथित रूप से समलैंगिकों और इस्लाम को छोड़ने वालों को जान से मारने की सजा देने की बात कही थी। एक यूट्यूब वीडियो में तो जाकिर ने ओसामा बिन लादेन का भी सपोर्ट भी किया था।

पिछले हफ्ते ही भारत की आतंकरोधी एजेंसी एनआईए ने जाकिर के खिलाफ चार्जशीट तैयार की है। इसमें जाकिर को भारत में अपने भाषणों के द्वारा दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने के लिए जिम्मेदार बताया गया है।

जानकारों का मानना है कि मलेशिया ने जाकिर को इसलिए अपने यहां रहने की जगह दी है क्योंकि वह वहां के लोगों के बीच काफी मशहूर है। ऐसे में अगर सरकार उसको वहां से बाहर निकालने की सोचेगी तो उसका एक बड़ा वोट बैंक उसके खिलाफ हो जाएगा।
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