भड़काऊ भाषणों के लिए मशहूर मुस्लिम धर्मगुरु जाकिर नाईक को मलेशिया ने अपने यहां शरण दे दी है। कुछ दिन पहले उसे एक मस्जिद से निकलते हुए देखा गया जहां उसके साथ कई लोग मौजूद थे और उसके साथ फोटो खिंचवाना चाहते थे।
जाकिर नाईक के खिलाफ NIA ने दाखिल की चार्जशीट, आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप
जाकिर को मलेशिया में नागरिकता मिलना इस बात का प्रमाण माना जा रहा कि वहां की सरकार कट्टर इस्लाम को बढ़ावा देने की कोशिशों में है। यह काम वहां पीएम नजीब रज्जाक की सरकार आने के बाद शुरू हुआ है।
कहा जाता है कि 2013 में उन्होंने अपनी लोकप्रियता खो दी थी जिसके बाद उन्होंने अपने आपको लोकप्रिय बनाए रखने के लिए मलय-मुस्लिम समुदाय को बढ़ावा देना शुरू कर दिया था। यह सब 2018 में वहां होने वाले चुनाव के मद्देनजर किया जा रहा है।