दिल्ली के फिरोजशाह कोटला स्टेडियम में बुधवार खेले गए पहले टी-20 में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड को 53 रनों से मात देकर सीरीज में 1-0 से बढ़त बना ली है। वहीं, टीम इंडिया के दिग्गज तेज गेंदबाज आशीष नेहरा ने अपने इंटरनेशनल करियर का अंतिम मैच खेला।
बता दें कि 17 टेस्ट, 120 वनडे और 27 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले आशीष नेहरा की विदाई किसी स्टार से कम नहीं हुई। मगर वो जाते-जाते इमोशनल संदेश दे गए। उन्होंने कहा, 'केवल स्टार खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि खेल को तवज्जो दें।’
पढ़ेंः- नेहरा के संन्यास पर बेहद इमोशनल हुए युवराज सिंह, लंबा पोस्ट लिखकर किए कई खुलासे
38 वर्षीय नेहरा ने कहा, ‘मेरी निजी राय है कि हमारे देश में केवल स्टार खिलाड़ियों को पूछा जाता है। हम ऑस्ट्रेलिया या दक्षिण अफ्रीका जैसे नहीं है। हमारे देश में खेल से अधिक स्टार को प्यार किया जाता है। मैं चाहता हूं कि रणजी ट्रॉफी में भी दर्शक पहुंचें और उसमें खेलने वाले खिलाड़ियों को भी तवज्जों दें।'
ये थे नेहरा के प्रेरणादायी कप्तान
आशीष नेहरा
- फोटो : twitter
गौरतलब है कि चोटों की वजह से नेहरा को कई बार टीम से अंदर-बाहर होना पड़ा। हालांकि एक ऐसा भी दौर आया कि नेहरा को भुला दिया गया। विश्व कप 2011 के सेमीफाइनल के बाद उंगली की चोट के कारण वह बाहर हुए तो इस फॉर्मेट में फिर कभी वापसी नहीं कर पाये। भले ही इस दौरान वह आईपीएल में खेल रहे थे और इसके बाद उन्होंने टी-20 फॉर्मेट में वापसी भी की।
उन्होंने कहा, 'ऐसा नहीं है कि मैं तब क्रिकेट नहीं खेल रहा था। दुर्भाग्य से हम केवल उसी पर ध्यान देते हैं जो टीम इंडिया में खेल रहा होता है। इस दौरान उन्होेंने ईशांत शर्मा रविचंद्रन अश्विन और रविंद्र जडेजा का भी जिक्र किया।
बता दें कि नेहरा को आंकड़े और तुलना करना भी पसंद नहीं है, लेकिन कप्तानी के मामले में वो सौरव गांगुली को प्रेरणादायी कप्तान मानते थे। नेहरा ने कहा, 'मुझे तुलना पसंद नहीं है। मैं दादा की अगुवाई में खेला। हर किसी के अपने मजबूत और कमजोर पक्ष होते हैं। मैं धोनी के नेतृत्व में भी खेला हूं और अब विराट के भी, जिसे लंबी राह तय करना है।' नेहरा ने वीरेंद्र सहवाग की भी तारीफ की और कहा कि वो एक सकारात्मक व्यक्ति हैं।
क्रिकेट में हमेशा ऐसे ही बदलाव होते रहते हैं
आशीष नेहरा
- फोटो : PTI
उन्होंने कहा, 'गांगुली खिलाड़ियों को बहुत अच्छी तरह से प्रेरित करते थे। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से अच्छा प्रदर्शन करवाया, जिसमें मैं, जहीर खान, युवराज सिंह और हरभजन सिंह शामिल थे। जब भी मैं शारीरिक तौर पर अच्छा महसूस करता था तो कप्तान कोई भी रहा हो मैं खेल का लुत्फ उठाता था।'
क्रिकेट में आये बदलावों के बारे में बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, 'क्रिकेट में लगातार बदलाव होते हैं। मुझे 2003 विश्व कप की याद है। मुझे लग रहा था कि मैं अच्छी गेंदबाजी कर रहा हूं, लेकिन रिकी पोंटिंग और मैथ्यू हेडन जैसे बल्लेबाज हमसे दो कदम आगे थे। इसी तरह से आज के गेंदबाजों को लगता होगा कि वे अच्छी गेंदबाजी कर रहे हैं, लेकिन विराट कोहली और रोहित शर्मा उनसे बहुत आगे हैं।'
इसके साथ ही नेहरा ने साफ कर दिया कि अभी उन्होंने भविष्य की कोई योजना नहीं बनायी है। हां उन्होंने कहा, 'मैंने अपनी जिंदगी भर क्रिकेट खेली है। मैं नहीं जानता कि आगे क्या होगा। मुझे इस पर विचार करना होगा। कोचिंग भी हो सकती है और कमेंट्री भी।'