हैदराबाद में 25 वर्ष के एक दलित व्यक्ति को उसके मुस्लिम रिश्तदेार और एक अन्य व्यक्ति ने बेरहमी से मार डाला। संदिग्ध ‘झूठी शान के लिए हत्या’ की इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
पुलिस ने बताया कि घटना बुधवार रात सरूरनगर में हुई जब पीड़ित बी नागराजू अपनी पत्नी के साथ मोटरसाइकिल पर जा रहा था। स्कूटर पर आए हमलावरों सैयद मोबिन अहमद और मोहम्मद मसूद अहमद ने उन्हें सड़क पर रोका और नागराजू पर पहले लोहे की छड़ से और उसके बाद चाकू से वार किया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सैयद मोबिन अहमद अपनी बहन के नागराजू से संबंधों के खिलाफ था और उसने उसे इसके खिलाफ चेतावनी भी दी थी। पुलिस ने कहा कि जोड़े को रोकने के बाद, दोनों ने नागराजू को जमीन पर धकेल दिया और उस पर छड़ से कई बार वार किया और फिर उसे चाकू मारा। दोनों ने इसकी पुष्टि की कि वह मर चुका है और फिर वहां से भाग गए। दोनों आरोपियों को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस उपायुक्त (एलबी नगर जोन) सुनप्रीत सिंह ने बताया कि भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की संबंधित धाराओं के तहत हत्या और अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार रोकथाम) संशोधन अधिनियम, 2015 के तहत एक मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी ने कहा कि मामले की सुनवाई त्वरित सुनवाई अदालत में की जाएगी।
वहीं, नागराजू की पत्नी ने मीडिया को बताया कि वह उसे पिछले 11 साल से जानती थी और दावा किया कि उस पर पांच लोगों ने हमला किया। हिंदू-मुस्लिम जोड़ा स्कूल और कॉलेज में सहपाठी था और दोनों पांच साल से अधिक समय से प्रेम संबंध में थे, जबकि उनका परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था। पुलिस ने कहा कि दोनों ने इस साल जनवरी में लड़की के परिवार के सदस्यों की इच्छा के खिलाफ शादी कर ली।
पुलिस ने कहा कि मोबिन अहमद ने पहले भी अपनी बहन को चेतावनी दी थी, बाद में वह नागराजू से शादी करने के लिए घर छोड़कर चली गई। तब से मोबिन अहमद नागराजू से गुस्सा था। पुलिस ने कहा कि वह नागराजू को खत्म करने की योजना बना रहा था और उसने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर एक षड्यंत्र रचा और उसे बुधवार को अंजाम दिया। नागराजू के पिता ने यह भी आरोप लगाया कि मोबिन अहमद अंतर-धार्मिक विवाह के खिलाफ था।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने घटना को बताया 'धार्मिक हत्या'
इस घटना की निंदा करते हुए, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष एवं लोकसभा सांसद बी. संजय कुमार ने कहा कि नागराजू को इसलिए निशाना बनाया गया क्योंकि उसने एक मुस्लिम महिला से शादी की। उन्होंने इसे ‘धार्मिक हत्या’ करार दिया।
उन्होंने मांग की कि दोषियों की पहचान की जानी चाहिए और उनके पीछे की ताकतों और संगठनों को सार्वजनिक किया जाना चाहिए। उन्होंने एक बयान में सवाल किया कि तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दल और धर्मनिरपेक्ष बुद्धिजीवी इस तरह की घिनौनी हत्या पर प्रतिक्रिया क्यों नहीं दे रहे हैं।
उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी को तब सांप्रदायिक कहा जाता है जब यह कुछ धार्मिक रूप से कट्टरपंथी संगठनों को ‘लव जिहाद’ में कथित रूप से संलिप्त होने के लिए संदर्भित करती है। उन्होंने कहा कि ‘छद्म धर्मनिरपेक्षतावादियों’ को लोगों को बताना चाहिए कि वर्तमान हत्या किस प्रकार की घटना है। कुमार ने यह भी सवाल किया कि ‘प्रगतिशील लोग’ और ‘प्रगतिशील मीडिया’ जो पहले मिर्यालगुडा में ‘झूठी शान के लिए हत्या’ की घटना को लेकर मुखर थे, अब चुप्पी क्यों साधे हुए हैं।
भाजपा नेता ने यह भी कहा कि हिंदू समाज को ऐसी घटनाओं की निंदा करनी चाहिए और सांप्रदायिक ताकतों और संगठनों एवं तथाकथित धर्मनिरपेक्ष दलों पर सवाल उठाना चाहिए। घटना की निंदा करते हुए कुछ संगठनों ने न्याय की मांग करते हुए नारेबाजी की। इस जोड़े ने 31 जनवरी को हैदराबाद के पुराने शहर के आर्य समाज में शादी की थी।