पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को खुले मंच से दो बड़े संदेश दिए हैं। पहला, टीएमसी विधायक हमायूं कबीर के निलंबन के बाद सांप्रदायिक राजनीति पर कड़ा रुख और दूसरा, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर भाजपा पर तीखा हमला।
टीएमसी MLA का निलंबन और CM की सख्त चेतावनी
हमायूं कबीर को कथित तौर पर 'बाबरी मस्जिद शैली की मस्जिद' की नींव रखने की घोषणा के बाद पार्टी से निलंबित किया गया। आरोप है कि इस बयान से जिले में सांप्रदायिक तनाव बढ़ सकता था। निलंबन की घोषणा कोलकाता में मंत्री फिरहाद हाकिम ने जल्दबाजी में बुलाई गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उनके साथ जिले के नेता अखरुज्जमान और नियामत शेख भी मौजूद थे। हाकिम ने कहा, 'जो धर्म के नाम पर राजनीति करेगा, उसका टीएमसी में कोई स्थान नहीं।'
यह भी पढ़ें -
Elgar Case: पूर्व प्रोफेसर हनी बाबू को हाईकोर्ट से मिली जमानत, पांच साल से अधिक समय तक तलोजा जेल में रहे बंद
हमायूं कबीर पर ममता का निशाना
कुछ घंटे बाद, ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद की रैली में बिना नाम लिए कबीर पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, 'मुर्शिदाबाद दंगों की राजनीति स्वीकार नहीं करेगा। यह सरज-उद-दौला की मिट्टी है, यहां सद्भाव है। हम सांप्रदायिक राजनीति नहीं करते और न इसे सहेंगे।' उन्होंने कहा कि जिले की पहचान धार्मिक सद्भावना है और इसे किसी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। 'इतिहास सिखाता है, विश्वास जोड़ता है और विश्वासघात बर्बाद करता है।'
SIR-NRC पर BJP को चुनौती
वहीं बहरामपुर में दूसरी रैली में ममता बनर्जी ने एसआईआर के मुद्दे पर भाजपा पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पार्टी 2026 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए धार्मिक ध्रुवीकरण कर रही है। उन्होंने दावा किया, 'देशभर में एसआईआर से जुड़े घटनाओं में जितने लोग मरे हैं, उनमें आधे से ज्यादा हिंदू हैं। भाजपा वही डाली काट रही है जिस पर बैठी है।' उन्होंने कहा कि बंगाल में न एनआरसी लागू होगा, न डिटेंशन कैंप बनेंगे। 'मेरी आवाज काट दी जाए, तब भी मैं एनआरसी नहीं आने दूंगी।'
डर फैलाया जा रहा है, अफवाहें चलाई जा रही हैं- ममता
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग धार्मिक स्थानों को लेकर झूठ फैला रहे हैं। उन्होंने कहा, 'कुछ लोग अफवाह फैला रहे हैं कि जमीन रिकॉर्ड में मस्जिद या कब्रिस्तान दर्ज हो गए हैं। यह झूठ है। एआई का दुरुपयोग कर मेरे नाम से फर्जी बयान चलाए जा रहे हैं।' उन्होंने बिहार चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा, 'स्वतंत्र उम्मीदवारों के नाम पर वोट न बांटें, नहीं तो भाजपा फायदा उठाएगी।'
यह भी पढ़ें -
Supreme Court: यूपी में एक हफ्ते तक नहीं चलेगा बुलडोजर! याचिकाकर्ताओं को मिली सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम सुरक्षा
एसआईआर का फॉर्म भरने से इनकार
इस दौरान सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि वह लोगों के नाम शामिल होने तक अपना फॉर्म नहीं भरेंगी। 'मैंने अभी तक फॉर्म नहीं भरा है। पहले जनता, बाद में मैं।'