आयोग की जांच समिति ऐसे सुझाव देगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न होने पाएं। जांच समिति हितधारकों के साथ बात करेगी और हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ितों से भी चर्चा करेगी।
मुर्शिदाबाद हिंसा को लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग ने एक जांच समिति का गठन किया है। यह समिति मुर्शिदाबाद हिंसा के दौरान महिलाओं के उत्पीड़न और उनके विस्थापन की जांच करेगी। महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहटकर ने मुर्शिदाबाद हिंसा पर स्वतः संज्ञान लिया है। रहटकर खुद भी मुर्शिदाबाद में हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा करेंगी और पीड़ितों से मुलाकात करेंगी।
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मुर्शिदाबाद में हिंसा के चलते विस्थापित हुए लोग
मुर्शिदाबाद जिले के कई इलाकों में वक्फ कानून के विरोध में बीती 11-12 अप्रैल को हिंसा भड़क गई थी। ये हिंसा सुती, धुलियान और जंगीपुर इलाकों में हुई। इस हिंसा में तीन लोगों की मौत हुई और कई अन्य घायल हुए। धुलियान के मंदिरपाड़ा इलाके में कथित तौर पर कई महिलाओं का उत्पीड़न किया गया। हिंसा के चलते मुर्शिदाबाद में बड़े पैमाने पर विस्थापन हुआ। सैंकड़ों की संख्या में महिलाएं बच्चे भागीरथी नदी पार कर पड़ोसी माल्दा जिले में पहुंच गए और अब वहां कैंपों में रह रहे हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा कि 'आयोग मुर्शिदाबाद से आ रहीं खबरों को लेकर बेहद चिंतित है। महिलाओं को न सिर्फ हिंसा का सामना करना पड़ा बल्कि उन्हें अपनी गरिमा और अपने घरों को भी छोड़ना पड़ा।'
हिंसा प्रभावित पीड़ितों से मुलाकात करेगी जांच समिति
उन्होंने कहा कि जांच समिति ऐसे सुझाव देगी, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न होने पाएं। जांच समिति हितधारकों के साथ बात करेगी और हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ितों से भी चर्चा करेगी। महिला आयोग की अध्यक्ष रहटकर और आयोग की सदस्य अर्चना मजूमदार और डिप्टी सचिव शिवानी डे 17 अप्रैल की शाम को कोलकाता पहुंच सकते हैं। कोलकाता से समिति 18 अप्रैल को माल्दा जाएगी, जहां विस्थापितों से बात करेगी। साथ ही प्रशासन के शीर्ष अधिकारियों से भी चर्चा की जाएगी। 19 अप्रैल को महिला आयोग की जांच समिति मुर्शिदाबाद में हिंसा प्रभावित इलाकों जैसे शमशेरगंज, जाफराबाद आदि का दौरा करेगी और पीड़ितों से मुलाकात करेगी। इस दौरान पीड़ितों को दी जा रही मदद की भी जानकारी ली जाएगी।