ओडिशा के भुवनेश्वर में आयोजित 18वें प्रवासी भारतीय दिवस (पीबीडी) के आखिरी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने त्रिनिदाद और टोबैगो की राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और 26 अन्य को प्रतिष्ठित प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार से सम्मानित किया। राष्ट्रपति मुर्मू ने सभी पुरस्कार विजेताओं को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में समाज के लिए काम करने के लिए उनकी सराहना भी की। राष्ट्रपति ने कहा कि उनकी सफलता केवल भारत के लिए गर्व की बात नहीं है, बल्कि वे अपने महान काम से दुनिया भर के लाखों लोगों को प्रेरित कर रहे हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा, "महिलाओं और भारतीय प्रवासियों पर विशेष ध्यान देने के साथ अपने देश का नेतृत्व करने में कंगालू के उत्कृष्ट योगदान ने विश्व मंच पर एक उच्च मानक स्थापित किया है।" बता दें कि प्रवासी भारतीय सम्मान पुरस्कार प्रवासी भारतीयों को दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान है।
त्रिनिदाद एवं टोबैगो के राष्ट्रपति को सार्वजनिक मामलों की श्रेणी में यह पुरस्कार दिया गया। उनके अलावा पुरस्कार पाने वालों में ऑस्ट्रेलिया से अजय राणे (सामुदायिक सेवा), ऑस्ट्रिया से मारियालेना जोन फर्नांडीस (शिक्षा), फिजी से स्वामी संयुक्तानंद (सामुदायिक सेवा), गुयाना से सरस्वती विद्या निकेतन (सामुदायिक सेवा), जापान से लेख राज जुनेजा (विज्ञान और प्रौद्योगिकी), किर्गिज गणराज्य से प्रेम कुमार (चिकित्सा विज्ञान) और लाओस से सौक्थवी चौधरी (व्यवसाय) का नाम शामिल हैं। भारत के उपराष्ट्रपति की अध्यक्षता तथा विदेश मंत्री की उपाध्यक्षता वाली एक समिति ने पुरस्कार विजेताओं का चयन किया।