भाजपा विधायक नीतेश राणे ने बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के समक्ष दावा किया कि महाराष्ट्र की सत्ताधारी पार्टी द्वारा उनके खिलाफ हत्या के प्रयास के आरोप में एक प्राथमिकी कराई गई थी क्योंकि पिछले महीने राज्य विधानमंडल परिसर के बाहर मजाक करने की एक घटना से वह अपमानित और आहत महसूस कर रही थी। शिवसेना के एक विधायक ने पिछले महीने आरोप लगाया था कि राणे ने महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता आदित्य ठाकरे की ओर देखते हुए 'म्याऊ' की आवाज निकाली थी, जब वह मुंबई में विधान भवन भवन के अंदर जा रहे थे।
राणे पर हत्या के प्रयास का मामला है दर्ज
केंद्रीय मंत्री नारायण राणे के बेटे नीतेश राणे ने पिछले महीने सिंधुदुर्ग जिले में कंकावली पुलिस द्वारा आईपीसी की धारा 307 (हत्या का प्रयास) के तहत दर्ज मामले के संबंध में गिरफ्तारी से पहले जमानत की मांग करते हुए इस महीने की शुरुआत में हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। यह मामला सिंधुदुर्ग जिला सहकारी बैंक चुनाव के प्रचार के दौरान एक स्थानीय शिवसेना कार्यकर्ता पर कथित हमले से संबंधित है।
नितेश राणे के वकील नितिन प्रधान ने बुधवार को हाई कोर्ट को बताया कि विधायक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी ताकि मजाक की घटना के बाद बैंक चुनावों में उनकी भागीदारी को रोका जा सके। 23 दिसंबर, 2021 को विधान भवन के बाहर हुई कैट-कॉलिंग की घटना ने सत्ता पक्ष को आहत किया था और उन्होंने इसे अपमान के रूप में लिया था। प्रधान ने अदालत से कहा कि शिवसेना के कुछ नेताओं ने तो यहां तक कह दिया कि मेरे मुवक्किल (राणे) को सबक सिखाया जाएगा।